हरियाणा के फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज गांव में एक ऐसी घटना घटी है जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। दिहाड़ी मजदूर संजय कुमार और उनकी पत्नी सुनीता ने शादी के 19 साल बाद 11वीं संतान के रूप में बेटे को जन्म दिया है। इससे पहले उनके घर 10 बेटियां हैं। 4 जनवरी 2026 को जींद जिले के उचाना स्थित ओजस अस्पताल में सुनीता ने बेटे को जन्म दिया। डॉक्टरों ने इसे हाई-रिस्क डिलीवरी बताया, क्योंकि सुनीता का हीमोग्लोबिन लेवल काफी कम था और उन्हें तीन यूनिट ब्लड चढ़ाना पड़ा। लेकिन मां-बेटा दोनों स्वस्थ हैं।
संजय (38 साल) और सुनीता (37 साल) की शादी 2007 में हुई थी। एक के बाद एक 10 बेटियों के जन्म के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। संजय ने मीडिया को बताया, “हम बेटा चाहते थे, कुछ बड़ी बेटियां भी भाई की इच्छा रखती थीं। अब टीम पूरी हो गई है।” उन्होंने बेटे का नाम दिलखुश रखा है, जो उनकी खुशी को बयां करता है। संजय ने पितृसत्ता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे सभी बेटियों को बेटों की तरह पालते हैं, उन्हें अच्छी शिक्षा दे रहे हैं और कभी भेदभाव नहीं किया। गांव वाले भी इस परिवार की तारीफ करते हैं कि बेटियों को बराबर का प्यार और सम्मान दिया।

बेटे के जन्म की खबर फैलते ही गांव में जश्न का माहौल बन गया। रिश्तेदारों, पड़ोसियों ने घर पर पहुंचकर मिठाई बांटी, ढोल बजाए और खुशियां मनाईं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां परिवार मुस्कुराता नजर आ रहा है। बड़ी बेटियां भी भाई को गोद में लेकर खुश हैं। लेकिन यह खुशी की कहानी सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं है – इसने समाज में बेटा-प्राथमिकता और मां की सेहत पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
डॉक्टर नरवीर शेठन ने कहा कि 11वीं प्रेग्नेंसी में इतना रिस्क लेना ठीक नहीं था, लेकिन परिवार की इच्छा पूरी हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा जैसे राज्यों में अभी भी बेटे की चाहत गहरी है, जो लिंग अनुपात और महिलाओं की सेहत को प्रभावित करती है। आर्थिक तौर पर संजय दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, ऐसे में 11 बच्चों का पालन-पोषण बड़ी चुनौती है। कई लोग सोशल मीडिया पर कह रहे हैं कि बेटियों को बेटों जैसा दर्जा देना ही असली जीत है।
यह कहानी खुशी और चिंता दोनों का मिश्रण है। एक तरफ परिवार की खुशी, दूसरी तरफ परिवार नियोजन और जेंडर इक्वालिटी की जरूरत। उम्मीद है कि दिलखुश के साथ-साथ 10 बहनें भी आगे चलकर परिवार का नाम रोशन करेंगी।










