प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को गोवा, दिल्ली और हरियाणा में छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई गोवा के अरपोरा गांव स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के मालिकों के खिलाफ धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में की गई है। इसी क्लब में 6 दिसंबर 2025 को भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 50 लोग घायल हुए थे।
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज करने के बाद सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा बंधुओं के आवासीय व कार्यालयी परिसरों समेत लगभग 8-9 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। इनमें दिल्ली के किंग्सवे कैंप, गुरुग्राम के तत्वम विलास और गोवा के कुछ अन्य लोगों के परिसर भी शामिल हैं। क्लब के सह-मालिक अजय गुप्ता और कुछ अन्य आरोपितों के ठिकानों पर भी छापे मारे जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, क्लब अवैध निर्माण और ‘खाजन’ भूमि (नमक के खेत) के गैरकानूनी रूपांतरण से जुड़े धन शोधन के आरोपों की जांच की जा रही है। आग लगने के कुछ घंटों बाद ही सौरभ और गौरव लूथरा देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए थे। उन्हें 17 दिसंबर 2025 को भारत प्रत्यर्पित किया गया और फिलहाल वे गोवा पुलिस की हिरासत में हैं। गोवा पुलिस ने पहले ही दोनों भाइयों सहित क्लब के अन्य स्टाफ पर लापरवाही से हत्या का मामला दर्ज किया था।यह छापेमारी क्लब के अवैध संचालन और ट्रेजडी से जुड़े वित्तीय गड़बड़ियों की गहन जांच का हिस्सा बताई जा रही है। जांच एजेंसी आरोपितों के ठिकानों से दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य सबूत जब्त करने में जुटी है।



































