भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह के साथ मना रहा है। कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में देश की प्रगति यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य क्षमता की शानदार झलकियाँ प्रस्तुत की गईं। इस वर्ष मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दिल्ली में उपस्थित हुए।
गणतंत्र दिवस परेड की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखी गई है, जो राष्ट्रीय गान की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देती है। परेड में हाल ही में गठित सैन्य इकाइयों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल की गई प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। पीएम मोदी ने वहाँ शहीदों को राष्ट्र की ओर से पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
गणतंत्र दिवस परेड (26 जनवरी 2026) में भारत ने टी-90 टैंक का प्रदर्शन किया। इसे भारतीय सेना ने ‘भीष्म’ नाम दिया है। रूस में निर्मित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है। यह टैंक 2001 से भारतीय सेना का हिस्सा है और इसे राजस्थान, पंजाब में पाकिस्तान सीमा और लेह में चीन सीमा पर तैनात किया गया है। 2005 में इनकी बड़ी खेप भारत आई। शुरुआत में यह पूरी तरह रूसी तकनीक से बना था, लेकिन अब इसके कई पुर्जे भारत में ही बनाए जाते हैं। तमिलनाडु के अवाडी में इन टैंकों को तैयार किया जाता है।































