10 जनवरी 2026 को अयोध्या के राम मंदिर परिसर में एक संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के रहने वाले अबू अहमद शेख (या अहमद शेख, उम्र लगभग 55-56 वर्ष) नामक व्यक्ति ने मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश की। यह घटना शनिवार दोपहर हुई, जब वह मुख्य मंदिर से करीब 200 मीटर दूर सीता रसोई क्षेत्र के पास दक्षिणी परकोटे में बैठकर नमाज के लिए तैयारी कर रहा था।व्यक्ति सामान्य श्रद्धालु की तरह गेट D1 से प्रवेश किया और दर्शन किए। उसके बाद वह कपड़े बिछाकर नमाज पढ़ने लगा। जैसे ही मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोका, तो उसने कथित तौर पर एक विशेष संप्रदाय से जुड़े नारे (जैसे “नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर”) लगाने शुरू कर दिए। सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की, उसे हिरासत में लिया और राम जन्मभूमि पुलिस चौकी ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी।
कुछ रिपोर्टों में इस घटना में 2-3 अन्य लोगों (एक युवक और एक महिला) का भी जिक्र है, जो कश्मीरी वेशभूषा में थे, लेकिन मुख्य फोकस अहमद शेख पर है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं, यात्रा इतिहास, मकसद और किसी बड़े षड्यंत्र की आशंका परख रही हैं। यह घटना राम मंदिर की उच्च-सुरक्षा व्यवस्था में सेंध मानी जा रही है, क्योंकि मंदिर परिसर में पहले से ही मल्टी-लेयर सिक्योरिटी, एंटी-ड्रोन सिस्टम, एनएसजी कमांडो और AI-आधारित सीसीटीवी लगे हुए हैं। यह घटना राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है, खासकर जब मंदिर हाल ही में भव्य रूप से खुला है और लाखों श्रद्धालु रोजाना दर्शन के लिए आते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस पर तेज बहस चल रही है, कुछ लोग इसे सुरक्षा में लापरवाही बता रहे हैं तो कुछ इसे जानबूझकर की गई हरकत मान रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
कुल मिलाकर, यह घटना धार्मिक संवेदनशीलता और सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती को उजागर करती है। जांच के नतीजे आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी, लेकिन फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है।








