11 जनवरी 2026 की शाम को भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा (LoC) तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास से कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते दिखे। ये ड्रोन कुछ देर तक संवेदनशील इलाकों में मंडराते रहे और फिर वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, कम से कम पांच ड्रोन की गतिविधियां दर्ज की गईं। राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में भारतीय सेना ने एक ड्रोन पर लाइट और मीडियम मशीन गन से फायरिंग की, जिसके बाद वह वापस भाग गया। ये घटनाएं उस समय हुईं जब एक दिन पहले ही सांबा जिले में पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप (पिस्तौल, ग्रेनेड और गोला-बारूद) बरामद की गई थी। इससे स्पष्ट है कि ड्रोन का इस्तेमाल हथियारों की तस्करी, नशीले पदार्थों की सप्लाई और रेकॉन्सेंस (जासूसी) के लिए लगातार किया जा रहा है। इंडिया टुडे को बताया कि पाकिस्तानी बॉर्डर की तरफ से कुछ ड्रोन्स भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसते हुए दिखे.

घुसपैठ की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) सक्रिय कर दी। बीएसएफ, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से अलर्ट जारी किया। पास की सभी चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया और संदिग्ध इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि ड्रोनों ने कोई हथियार, विस्फोटक या अन्य संदिग्ध सामग्री तो नहीं गिराई। यह घटना भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन आधारित खतरों के बढ़ते पैटर्न को दर्शाती है। पिछले कुछ महीनों में ऐसी गतिविधियां कम हुई थीं, लेकिन हालिया प्रयासों से लगता है कि पाकिस्तान फिर से इस रणनीति को अपनाने की कोशिश कर रहा है। भारतीय सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया और काउंटर-ड्रोन सिस्टम ने इन घुसपैठ को नाकाम कर दिया, लेकिन यह सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करता है।
ये तस्वीरें ड्रोन की संभावित गतिविधि, सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों और तलाशी अभियान की झलक दिखाती हैं। भारतीय सेना और बीएसएफ की सतर्कता से ऐसी हरकतों पर लगाम लगाई जा रही है, लेकिन सीमा पर चुनौतियां बनी हुई हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।








