साल 2022 सोनाली (काल्पनिक नाम, पीड़िता से प्रेरित) 24 साल की बिहार से आई एक साधारण लड़की थी। कार शोरूम में इंश्योरेंस डिपार्टमेंट में काम करती थी। दिनभर पेपरवर्क, ग्राहकों से बातें, और शाम को घर लौटकर मां से फोन पर बातें। जीवन सामान्य था, लेकिन एक दिन तारिफ नाम का शख्स उसके ऑफिस आया। कार इंश्योरेंस के लिए। बातों-बातों में उसने बताया कि उसका दोस्त आरव है, बहुत अच्छा लड़का, अकेला है, फैमिली सपोर्ट नहीं है।
तारिफ ने आरव से मिलवाया। आरव – लंबा, स्मार्ट, हिंदू रीति-रिवाजों वाला, सिंदूर-मंगलसूत्र की बातें करता। सोनाली को लगा, शायद यही वो है जो उसके जीवन में खुशियां लाएगा। धीरे-धीरे प्यार हुआ। आरव ने कहा, “मैं हिंदू हूं, तुम्हारे जैसे। शादी मंदिर में करेंगे।” सोनाली ने परिवार को बताया। सब खुश। 2023 की शुरुआत में मंदिर में शादी हो गई। सिंदूर लगाया, फेरे लिए। जीवन सपनों जैसा लगने लगा।
शादी के कुछ महीने बाद सोनाली प्रेग्नेंट हुई। खुशी का ठिकाना नहीं था। लेकिन आरव अचानक बदल गया। गर्भपात का दबाव डालने लगा। “बच्चा अभी नहीं चाहिए।” सोनाली ने मना किया। बच्चा हुआ – एक बेटा। अस्पताल में आरव आया ही नहीं। सोनाली अकेली रही।एक दिन तारिफ ने फोन किया। “सोनाली, सच बताता हूं। आरव का असली नाम आरिफ खान है। वो पहले से शादीशुदा है। तीन बच्चे हैं। वो तुम्हें फंसाने के लिए हिंदू बनकर आया था।” सोनाली सदमे में थी। घर पहुंची तो आरिफ ने उसे सोहना के पास धुनेला गांव ले जाकर रखा। वहां उसकी मां जैतूनी, बीवी अरशिदा, भाई इरफान, नोमान, मोमेन – सब इकट्ठे। उन्होंने कहा, “अब तुम जिया खान हो। इस्लाम कबूल करो। नमाज पढ़ो, बुरका पहनो।”सोनाली ने मना किया। मारपीट शुरू हुई। धमकियां – “धर्म नहीं बदला तो बच्चे को मार देंगे।” वो किसी तरह बच्चे को लेकर भागी।
किसी तरह से सोनाली बिहार पहुंची। बच्चे को मां-बाप के पास छोड़ा और खुद गुरुग्राम लौटी, नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश में।लेकिन कहानी में क्लाइमेक्स 26 जनवरी 2026 को आता है। रात के अंधेरे में किराए के घर का दरवाजा खटखटाया। आरिफ और उसके परिवार वाले घुसे। “अब बस करो जिया। इस्लाम कबूल करो, वरना मार डालेंगे।” उसके साथ मारपीट इतनी जोरदार की गई कि उसे गंभीर चोटें आने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
घटना के बाद पड़ोसियों ने सोनाली की मदद की। सोनाली ने हिम्मत जुटाई। इलाके के ही कुछ सोशल वर्कर्स की मदद से थाने पहुंची। गुरूग्राम के सेक्टर-14 थाने में शिकायत दर्ज हुई। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत – धोखाधड़ी, मारपीट, धमकी, घर में घुसना। साथ ही हरियाणा धर्मांतरण निवारण अधिनियम, 2022 (लव जिहाद कानून) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने फौरन कार्रवाई की। आरिफ और तारिफ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ – ये सब प्लान्ड था। 2022 में ट्रांसपोर्ट बिजनेस चलाते आरिफ ने तारिफ (जो उसका पुराना ड्राइवर था) के जरिए सोनाली को टारगेट किया। फेक हिंदू आईडेंटिटी, फेक प्यार, शादी, फिर जबरन कन्वर्जन।
सोनाली अब सुरक्षित है। वो कहती है, “मैंने अपना नाम वापस ले लिया है। जिया खान नहीं, सोनाली हूं।” केस कोर्ट में है। पुलिस जांच जारी। लेकिन इस कहानी में एक सच्चाई साफ है – प्यार के नाम पर धोखा, कितना भी गहरा क्यों न हो, सच सामने आ ही जाता है।
(नोट: ये स्टोरी न्यूज रिपोर्ट्स पर आधारित है। वास्तविक पीड़िता की प्राइवेसी और सम्मान के लिए नाम बदले गए हैं।)






























