पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में ड्रग्स तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। निलंबित तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक हुमायूं कबीर के परिवार से जुड़े रिश्तेदारों की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह कार्रवाई एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत अदालत के आदेश के बाद की गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स के अवैध कारोबार में शामिल थे और इसी नेटवर्क से अर्जित पैसे से अचल संपत्तियां बनाई गई थीं। जांच के आधार पर कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद करीब 10 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है।
जिला पुलिस ने मुर्शिदाबाद में कई स्थानों पर छापेमारी कर आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की। लालगोला सहित करीब 10 से ज्यादा स्थानों पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने घर, जमीन, स्कूल, लॉज और अन्य व्यावसायिक संपत्तियों को सील किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह सभी संपत्तियां ड्रग्स तस्करी से अर्जित अवैध धन से बनाई गई थीं।
अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद ड्रग्स नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है। जांच एजेंसियों को शुरुआती कार्रवाई के दौरान ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के सबूत मिले। इसके बाद वित्तीय जांच शुरू की गई और अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया गया।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और क्या ड्रग्स कारोबार से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल किसी अन्य अवैध गतिविधि में किया गया। मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
जहां एक ओर आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
पुलिस प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




























