ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा कथित यौन शोषण मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। इस मामले में शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब उत्तर प्रदेश सरकार के एक उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) और विपक्ष के बड़े नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाकर सनसनी फैला दी है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक कॉल डिटेल का हवाला देते हुए दावा किया कि इसमें प्रदेश के एक डिप्टी CM का नाम सामने आया है। हालांकि उन्होंने नाम का खुलासा नहीं किया, लेकिन गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डिप्टी CM, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को धरना-प्रदर्शन के लिए उकसाते थे।
कॉल पर बातचीत के दौरान वह कहते थे, “मैं आऊंगा तो पानी पिलाऊंगा, फिर धरना खत्म कर देना। आशुतोष ने स्पष्ट किया कि डिप्टी CM का नाम शोषण में नहीं, बल्कि इस पूरे घटनाक्रम को हवा देने और उकसाने के मामले में सामने आया है।
आशुतोष ने केवल सत्तापक्ष ही नहीं, बल्कि विपक्ष को भी घेरे में लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कुछ बड़े नेता भी इस प्रकरण में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि समय आने पर इन नामों का सार्वजनिक खुलासा किया जाएगा।
इस मामले में कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार दो नाबालिग बटुकों के बयान पॉक्सो (POCSO) कोर्ट में बीएनएस की धारा 183 के तहत दर्ज करा दिए गए हैं। पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, जिसमें कथित रूप से यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। दावा है कि अभी 20 और पीड़ित उनके संपर्क में हैं, जो जल्द सामने आ सकते हैं।
मामले में एक नया मोड़ तब आया जब आशुतोष ने दावा किया कि वाराणसी मठ में मौजूद कुछ महिलाएं भी उनके संपर्क में हैं और वे भी जल्द अपनी बात रख सकती हैं। झूंसी थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद गिरी समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


















