WhatsApp पर पेपर कैंसिल की खबर, कॉलेज ने फिर भी करा दी परीक्षा

विक्रमादित्य विश्वविद्यालय परीक्षा प्रबंधन एक बार फिर नाकाम साबित हुआ. लापरवाही और समन्वय की कमी का ऐसा मामला सामने आया है, जिससे पूरे परीक्षा तंत्र पर सवालिया निशान लग गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन इस डिजिटल युग में भी कागजी या आधिकारिक ईमेल के बजाय ‘व्हाट्सऐप’ के भरोसे परीक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था चलाता दिख रहा है. नतीजा यह हुआ कि बीए फाइनल ईयर की समाजशास्त्र की जिस परीक्षा को यूनिवर्सिटी ने स्थगित कर 11 जून को कराने का फैसला लिया था, वो परीक्षा आगर-मालवा के शासकीय नेहरू कॉलेज में तय समय के अनुसार, 25 मई को ही संपन्न करा ली गई और जांच के लिए उत्तर पुस्तिका विश्वविद्यालय को भेज दी गई.

इस बड़ी गड़बड़ी के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन बाकी बचे कॉलेजों में दूसरा पेपर सेट भेजकर परीक्षा कराएगा. वहीं आगर कॉलेज के छात्र पर भी अब परीक्षा दोबारा देने का दबाव है.

23 मई को विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा स्थगित करने के लिए पत्र जारी हुआ था. विश्वविद्यालय ने यह पत्र अपने एक आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप में डाला था. इस ग्रुप में यूनिवर्सिटी से संबद्ध सभी कॉलेजों के प्राचार्य जुड़े हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हमारे कॉलेज के प्रिंसिपल इस व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल नहीं हो सके थे.

​पाटीदार ने आगे कहा कि व्हाट्सऐप ग्रुप में न होने के कारण उन्हें समय पर परीक्षा निरस्त होने की कोई जानकारी नहीं मिली. इसके अलावा इस संबंध में उन्हें अन्य किसी माध्यम से आधिकारिक पत्र भी नहीं मिला. इसी वजह से कॉलेज प्रशासन ने पूर्व निर्धारित टाइम-टेबल के अनुसार, 25 मई को समाजशास्त्र (प्रमुख समाजशास्त्रीय विचारक-ए-1) विषय में ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के 18 विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित करवा दी और उत्तर पुस्तिकाएं (कॉपियां) भी मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय भेज दीं.

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