नई दिल्ली में आज तकनीक और नवाचार का एक बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित “AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026” का उद्घाटन करेंगे। इस मेगा इवेंट में दुनिया भर से आए विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप और छात्र भाग ले रहे हैं, जिससे यह आयोजन वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। इस एक्सपो की खास बात यह है कि इसमें 300 से अधिक एग्जीबिशन लगाए गए हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अलग-अलग उपयोगों और संभावनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रक्षा, स्मार्ट सिटी और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में AI किस तरह बदलाव ला रहा है, इसकी झलक यहां देखने को मिलेगी। साथ ही 13 देशों के पवेलियन भी तैयार किए गए हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और रिसर्च संस्थान अपनी तकनीक और इनोवेशन पेश करेंगे।
आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम में 2.5 लाख से ज्यादा विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है। इनमें टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और उद्यमी शामिल होंगे। यह एक्सपो भारत में AI को लेकर बढ़ती दिलचस्पी और इसके तेजी से बढ़ते इकोसिस्टम को दर्शाता है। भारत आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार भी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को प्राथमिकता दे रही है। एक्सपो के जरिए स्टार्टअप्स को निवेश और साझेदारी के नए अवसर मिलेंगे, जबकि युवाओं को नई स्किल्स और करियर के रास्ते तलाशने का मौका मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह समाज, अर्थव्यवस्था और रोजगार के ढांचे को भी बदल देगा।
यह आयोजन भारत को वैश्विक AI हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार और उद्योग जगत की साझेदारी से देश में इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा और नई तकनीकों का विकास तेज होगा। कुल मिलाकर, “AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026” सिर्फ एक टेक इवेंट नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच बन सकता है, जहां से भारत और दुनिया के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए आयाम तय होंगे।




















