प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट‘ को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मानव इतिहास का एक युगांतरकारी बदलाव करार दिया। इस वैश्विक सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों और इनोवेटर्स ने हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से दुनिया भर से आए मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत नई तकनीक को केवल अपनाता नहीं है, बल्कि उसे लोकतांत्रिक बनाने में विश्वास रखता है। उन्होंने प्रदर्शनी में युवाओं के उत्साह का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि नई पीढ़ी इस तकनीक को लेकर न केवल आशान्वित है, बल्कि इसे समाधान के रूप में देख रही है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि तकनीक का विकास मानव-केंद्रित (Human-Centric) होना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI ऐसी होनी चाहिए जो समाज के हर वर्ग के लिए सुलभ हो। यह ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को तकनीकी धरातल पर उतारने का जरिया बने।
प्रधानमंत्री के अनुसार, “AI न केवल मशीनों को समझदार बना रही है, बल्कि यह इंसानों की कार्यक्षमता को भी कई गुना बढ़ा रही है।” उन्होंने स्वीकार किया कि नई तकनीक को लेकर कुछ शंकाएं हो सकती हैं, लेकिन सही नीति और नीयत से इनका समाधान संभव है।पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत आज AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा, “भारत के पास टैलेंट की ऊर्जा, डेटा की शक्ति और स्पष्ट नीतिगत सोच है। हम एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जो दुनिया के लिए प्रेरणा बनेगा।”






















