पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक बिसात बिछा दी है। बीजेपी ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची (111 नाम) जारी कर दी है, जिसमें पार्टी ने अपने ‘दिग्गजों’ को ही चुनावी समर में झोंक दिया है। इस लिस्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव जीतने के लिए अपने कई पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और पूर्व सांसदों को मैदान में उतारा है।
बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। पार्टी ने अपने अनुभवी और कद्दावर नेताओं को विधानसभा भेजने की योजना बनाई है। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक को माथाभांगा (SC) सीट से टिकट दिया गया है। पूर्व राज्यसभा सांसद और चर्चित चेहरा रूपा गांगुली सोनारपुर साउथ से चुनावी ताल ठोकेंगी।
बैरकपुर के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को भी नोआपाड़ा के चुनावी मैदान में उतारकर बीजेपी ने उत्तर 24 परगना में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।
बंगाल की सत्ता का रास्ता इस बार ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी की सीधी जंग से होकर गुजरेगा। यह मुकाबला इस चुनाव का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। संदेशखाली आंदोलन का चेहरा बनीं रेखा पात्रा को हिंगलगंज से टिकट देकर बीजेपी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे को हवा दी है।
शुभेंदु अधिकारी के भाई दिब्येंदु को एगरा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रनील खान को बेहाला पश्चिम जैसी महत्वपूर्ण सीट की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने मारवाड़ी दांव चलते हुए जोड़ासांकों से पार्षद विजय ओझा को मैदान में उतारा है
पार्टी ने बिष्णुपुर (SC) में बड़ा बदलाव करते हुए पहले घोषित नाम अग्निश्वर नस्कर की जगह अब विश्वजीत खान को मैदान में उतारा है। वहीं उत्तर बंगाल की सीटों जैसे जलपाईगुड़ी (अनंत देब अधिकारी) और दार्जिलिंग (नोमन राय) पर भी स्थानीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है।















