केंद्र सरकार ने पिछले महीने शुरू हुई सेल ब्रॉडकास्टिंग सर्विस को फिलहाल बंद कर दिया है. इस सर्विस में लोगों को एक साथ मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट भेजे जाते थे. पिछले महीने इसकी शुरुआत हुई थी और अब 12 जून से सरकार ने बिना कोई कारण बताए इसे बंद कर दिया है. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) की तरफ से इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ इश्यूज आने के कारण इस सर्विस को अगले आदेश तक बंद किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री के फोन पर आधी रात को गए अलर्ट
प्रधानमंत्री के कॉन्टैक्ट नंबर पर आधी रात को गए अलर्ट के कारण इस सर्विस को बंद किया गया है. हालांकि, NDMA की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है. आमतौर पर ऐसे VIP लोगों के नंबर ऐसी सर्विसेस से बाहर रखे जाते हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा की डिजास्टर मैनेजमेंट की तरफ से इश्यू हुए अलर्ट के कारण रात में लोगों के फोन बजने लगे थे. बता दें कि जब यह अलर्ट जाता है तो फोन के साइलेंट या स्विच ऑफ होने पर भी जोर से साउंड बजती है.
2 मई से शुरू हुई सर्विस
केंद्र सरकार ने 2 मई को इस मोबाइल-बेस्ड डिजास्टर कम्युनिकेशन सिस्टम को लॉन्च किया था. इसे दूरसंचार विभाग और NDMA ने मिलकर तैयार किया है. प्राकृतिक आपदाओं, मौसम चेतावनियों और साइक्लोन जैसी स्थिति में लोगों को अलर्ट करने के लिए इस सिस्टम को इस्तेमाल किया जाएगा. नए सिस्टम में SMS के साथ-साथ सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी को भी जोड़ा गया है. इससे मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने पर भी लोगों के फोन पर इमरजेंसी अलर्ट मैसेज जा सकता है.
सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी
सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी किसी इलाके में बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ अलर्ट मैसेज भेजने के काम आती है. इस पर नेटवर्क कंजेशन का कोई असर नहीं होता और अलर्ट भेजते ही लोगों के मोबाइल पर पहुंच जाता है. इसे 1990 के दशक में यूरोपीय टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूट ने डेवलप किया था और आज 30 से अधिक देशों में इसे यूज किया जा रहा है. यह वन-वे कम्युनिकेशन होता है, जो एक टावर से कनेक्टेड सभी मोबाइल पर एक साथ मैसेज भेज सकता है. इसके लिए न तो इंटरनेट की जरूरत है और न ही सरकार के पास मोबाइल यूजर का नंबर होना जरूरी है.