एक्सप्लेनर: सिंचाई पाइपलाइन से ‘सुपारी किलिंग’ तक की इनसाइड स्टोरी

पश्चिम बंगाल का चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड इस समय देश की सबसे बड़ी सुर्खियों में से एक है। जैसे-जैसे सीबीआई (CBI) की जांच आगे बढ़ रही है, इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री के तार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से जुड़ते जा रहे हैं।

जिन 7 लोगों को सीबीआई ने दबोचा है, उनमें से 4 बलिया के सीधे-सादे गांवों के रहने वाले हैं। जो कल तक खेती-किसानी और सिंचाई की पाइपलाइन बिछाने का काम करते थे, वे आज सीबीआई की रडार पर हैं।

आइए 5 पॉइंट्स में समझते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है, बलिया का कनेक्शन कैसे सामने आया और सीबीआई की थ्योरी क्या है।

1. क्या है चंद्रनाथ रथ हत्याकांड?

  • घटना कब और कहां हुई?: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में 6 मई को।
  • कौन थे चंद्रनाथ रथ?: वह भाजपा के कद्दावर नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाते थे।
  • मामला क्यों गरमाया?: बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के तुरंत बाद हुई इस हत्या ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई।

2. ‘पाइपलाइन’ से शुरू हुई थी 4 आरोपियों की कहानी

बलिया के जिन चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है, उनकी आपस में मुलाकात दो साल पहले खेतों में सिंचाई की पाइपलाइन बिछाने के काम के दौरान हुई थी।

  • नवीन सिंह (थमनपुरा गांव) किसानों के खेतों में पाइपलाइन लगाने का ठेका लेते थे।
  • राजकुमार सिंह (रतोपुर गांव) नवीन से काम सीख रहा था।
  • ज्ञानेंद्र सिंह (शीतल दवानी गांव) ने अपने खेत में पाइपलाइन लगवाने के लिए इनसे संपर्क किया था।
  • गोलू सिंह (बसुदेवपुर गांव) भी इसी कारोबार के सिलसिले में इनसे जुड़ा था।

परिजनों का दावा: चारों के बीच सिर्फ व्यावसायिक संबंध थे, कोई गहरी दोस्ती नहीं थी। परिवार हैरान हैं कि जो लड़के कभी बंगाल गए ही नहीं, उनका नाम इतने बड़े हत्याकांड में कैसे आ गया।

3. गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली: किसका क्या है बैकग्राउंड?

सीबीआई की गिरफ्त में आए बलिया के इन चार किरदारों की प्रोफाइल बेहद चौंकाने वाली है:

आरोपी का नामउम्रगांवक्रिमिनल रिकॉर्ड / बैकग्राउंड
ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मन्नू48 वर्षशीतल दवानीसबसे चर्चित चेहरा। बिहार, झारखंड, वाराणसी और बलिया में 12 मुकदमे (हत्या और आर्म्स एक्ट) दर्ज थे। पत्नी का दावा है कि 11 में बरी हो चुके हैं। वे गांव में प्रधान पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
गोलू सिंह28 वर्षबसुदेवपुरसबसे युवा आरोपी। कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। पिछले साल ही शादी हुई थी।
राजकुमार सिंह21 वर्षरतोपुरनवीन सिंह से काम सीखने के बाद मुंबई की प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा था। सीबीआई का दावा है कि इसे मुजफ्फरनगर से पकड़ा गया, जब यह उत्तराखंड भागने की फिराक में था।
नवीन सिंहथमनपुरापाइपलाइन कारोबार का मुख्य संचालक, जिसने बाकी कड़ियों को आपस में जोड़ा।

4. सीबीआई (CBI) के सामने अब क्या हैं बड़े सवाल?

गांव वाले भले ही हैरान हों, लेकिन सीबीआई सूत्रों के मुताबिक ये गिरफ्तारियां इस केस को सुलझाने की सबसे अहम कड़ी हैं। सीबीआई अब तीन मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रही है:

  • मास्टरमाइंड कौन है?: हत्या की इस पूरी साजिश के पीछे मुख्य राजनीतिक या आपराधिक चेहरा कौन है?
  • सुपारी किसने दी?: क्या बलिया के इन लड़कों का इस्तेमाल सिर्फ शूटर/मददगार के तौर पर किया गया? किसने इन्हें इसके लिए पैसे दिए?
  • हत्या का असली मकसद?: यह हत्या राजनीतिक रंजिश का नतीजा है, चुनावी खुन्नस है या फिर कोई व्यक्तिगत विवाद?

5. गांवों में सन्नाटा, परिवारों को सता रही है बड़ी चिंता

बलिया के इन चार गांवों में फिलहाल सन्नाटा पसरा है। मध्यमवर्गीय और किसान परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा संकट हजारों किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल में कानूनी लड़ाई लड़ने का है। राजकुमार के पिता त्रिभुवन नारायण (बिजली मिस्त्री) का कहना है कि उनका बेटा पिछले कुछ समय से परिवार से अलग-थलग रहने लगा था और अपनी गतिविधियों को छुपाता था। फिलहाल परिवारों ने जांच पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने तक इंतजार करने का फैसला किया है।

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