असम की राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबाड़ी सीट से अपना नामांकन तो दाखिल कर दिया है, लेकिन उनके हलफनामे ने विपक्षी खेमे में हलचल तेज कर दी है। हलफनामे के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि पिछले 10 वर्षों में सरमा परिवार की संपत्ति में जो ‘रफ्तार’ दिखी है, उसने सबको हैरान कर दिया है।
साल 2016 में जिस परिवार की कुल संपत्ति महज 6.38 करोड़ रुपये थी, वह 2026 तक आते-आते 35.15 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले पांच सालों (2021-2026) के दौरान ही मुख्यमंत्री के कुनबे की संपत्ति लगभग दोगुनी हो गई है।
चुनावी हलफनामे का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि मुख्यमंत्री खुद को एक साधारण प्रोफाइल वाला नेता दिखा रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास अकूत दौलत है।
मुख्यमंत्री का प्रोफाइल देखें तो कुल चल संपत्ति 2.36 करोड़ रुपये। इनके पास न तो अपनी कोई गाड़ी है, न कोई जमीन और न ही शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में कोई निवेश। इनके पास महज 180 ग्राम सोना है।
पत्नी का रसूख गौर करने लायक है। प्राइड ईस्ट इंटरटेनमेंट की MD रिनिकी भुइयां सरमा के पास 32.79 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है। यानी वह अपने पति (मुख्यमंत्री) से 14 गुना ज्यादा अमीर हैं। उनके पास 1.45 किलो सोना (कीमत 2 करोड़+), करोड़ों के शेयर और 19.25 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति (प्लॉट और मकान) है।
जहां एक तरफ संपत्ति बढ़ी है, वहीं कर्ज का बोझ भी कम नहीं है। मुख्यमंत्री पर जहां 95 लाख रुपये की देनदारी है, वहीं उनकी पत्नी रिनिकी पर 15.91 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज दर्ज है।
असम की राजनीति में अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या सत्ता की चाबी के साथ-साथ समृद्धि के द्वार भी इतनी ही तेजी से खुलते हैं? पारदर्शिता और संपत्ति का यह संतुलन अब जनता की अदालत में है।”
नामांकन से पहले हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी मां मृणालिनी देवी का आशीर्वाद लिया और फिर खानापारा से जिला निर्वाचन कार्यालय तक 5.6 किलोमीटर लंबा रोड शो कर अपनी ताकत दिखाई। इस दौरान उनके साथ पत्नी, बेटा और भाजपा सांसद बिजुली कालिता मेधी भी मौजूद रहीं।















