दिल्ली के मालवीय नगर हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन
MCD, पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त जांच में हुआ बड़ा खुलासा
400 में से सिर्फ 150 होटलों के पास ही मिला वैध लाइसेंस
दिल्ली के मालवीय नगर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद नगर निगम (MCD) और दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। राजधानी के सबसे बड़े होटल हब में से एक, महिपालपुर के करीब 250 होटलों पर सीलिंग की तलवार लटक रही है। जांच के दौरान पाया गया कि ये होटल बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से चल रहे थे, जिसके बाद MCD कमिश्नर ने इनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
इस बड़े खुलासे के बाद दिल्ली के होटल कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, महिपालपुर इलाके में लगभग 400 होटलों की सघन जांच की गई। इस जांच के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
- कुल जांचे गए होटल: 400
- वैध लाइसेंस वाले होटल: सिर्फ 150
- बिना लाइसेंस के चल रहे होटल: करीब 250
नियम क्या कहता है?
नियमों के मुताबिक, दिल्ली में किसी भी होटल या गेस्ट हाउस के संचालन के लिए उसके आसपास की अप्रोच रोड (सम्पर्क सड़क) की चौड़ाई कम से कम 20 फुट (6 मीटर) होना अनिवार्य है। इसी आधार पर MCD लाइसेंस जारी करती है। लेकिन महिपालपुर के अधिकांश अवैध होटल बेहद संकरी गलियों में चल रहे थे, जहाँ आपातकाल में फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती। ये होटल सालों से बिना किसी अनुमति के नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे थे।
करोल बाग से पहाड़गंज तक खलबली, बनी ‘महा-टीम’
मालवीय नगर हादसे को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। गृह विभाग ने सिर्फ महिपालपुर ही नहीं, बल्कि दिल्ली के अन्य प्रमुख होटल इलाकों की भी जांच रिपोर्ट मांगी है, जिनमें शामिल हैं:
करोल बाग, पहाड़गंज, नबी करीम, चांदनी चौक और महिपालपुर
इन इलाकों में फायर NOC और गेस्ट हाउस-लॉजिंग हाउस के नियमों की बारीकी से जांच करने के लिए दिल्ली पुलिस, MCD, फायर विभाग और दिल्ली पर्यटन विभाग की संयुक्त टीमें (Joint Teams) गठित की गई हैं।
कौन सा विभाग क्या जांच रहा है?
होटलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए चारों विभाग मिलकर ‘360 डिग्री’ जांच कर रहे हैं:
| विभाग | जांच का मुख्य जिम्मा |
| MCD (नगर निगम) | होटल की अप्रोच रोड की चौड़ाई और किचन से संबंधित हाइजीन/नियम। |
| फायर विभाग | सीढ़ियों की चौड़ाई, अग्निशमन उपकरण (Fire Extinguishers) और सुरक्षा एग्जिट। |
| दिल्ली पुलिस | सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की स्थिति और मेहमानों का एंट्री-एग्जिट (रजिस्टर/ID) रिकॉर्ड। |
| दिल्ली पर्यटन विभाग | ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट लाइसेंस और पर्यटन से जुड़ी अन्य जरूरी अनुमतियां। |
आने वाले दिनों में और तेज होगा अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों का साफ कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। जांच पूरी होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी होटल को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह महा-अभियान आने वाले दिनों में और ज्यादा तेज किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वाले कई और बड़े होटलों पर भी जल्द ही सीलिंग का ताला लटक सकता है।