मिडिल ईस्ट (ईरान-इजरायल) में जारी भीषण युद्ध की तपिश अब भारतीय रसोइयों और बाजारों तक पहुँच गई है। ईंधन आपूर्ति में आ रही रुकावटों के चलते देश के कई बड़े शहरों में LPG सिलेंडर का संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों के होटल मालिकों ने तालाबंदी की चेतावनी दी है, वहीं विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) मंत्री छगन भुजबल ने संकेत दिए हैं कि यदि आपूर्ति में 25% से अधिक की कटौती जारी रही, तो होटल उद्योग धराशायी हो जाएगा। होटल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजय शेट्टी ने कहा, “अगर 2-3 दिनों में हालात नहीं सुधरे, तो राज्य के अधिकांश रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे।” उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अगले 2 से 4 दिनों में इस पर हाई-लेवल मीटिंग करेंगे।
पुणे में प्रशासन ने एहतियातन 18 LPG चलित श्मशान घाटों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है ताकि गैस के लोड को मैनेज किया जा सके। म्युनिसिपल कमिश्नर के अनुसार, यह कदम सप्लाई चेन पर दबाव कम करने के लिए उठाया गया है।
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ‘X’ पर पोस्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को छोड़कर सभी कमर्शियल सप्लाई बंद कर दी गई है। केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि ” पीएम मोदी अपनी मजबूरियों के चलते ट्रंप के सामने नतमस्तक हैं और देश इसकी सजा भुगत रहा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की नई अधिसूचना के अनुसार, अब घरेलू उपभोक्ता एक सिलेंडर मिलने के 25 दिन बाद ही अगला रीफिल बुक कर पाएंगे। पहले यह अवधि मात्र 1-2 दिन की थी। डीलर संघों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत की वजह से ‘ब्लैक मार्केटिंग’ का खतरा बढ़ गया है।
केंद्र सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार की प्राथमिकता ‘घरेलू उपभोक्ता’ हैं, इसलिए कमर्शियल सप्लाई में कुछ कटौती की गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय एक नया प्लान पेश कर सकता है, जिसमें उर्वरक (Fertilizer) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि कृषि उत्पादन प्रभावित न हो।
















