बिहार के बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। जिले के आशा पड़री गांव निवासी अमन कुमार नामक युवक पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का सरकारी सर्वर हैक करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले के सामने आते ही हड़कंप मच गया और आनन-फानन में दिल्ली और पटना से पहुंची सीबीआई (CBI) की विशेष टीम ने बक्सर पुलिस के साथ मिलकर युवक को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
8 अप्रैल की देर रात शुरू हुई यह कार्रवाई सुबह के करीब 3 बजे तक चली। खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी के घर पर धावा बोला। घंटों चली छापेमारी के बाद टीम ने आरोपी अमन कुमार को हिरासत में ले लिया और उसके पास से लैपटॉप सहित कई हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। सूत्रों के अनुसार, सबूतों को सुरक्षित रखने और आगे की जांच के लिए टीम ने उसके पूरे घर को सील कर दिया है।
इस बेहद संवेदनशील मामले पर बक्सर के एसपी शुभम आर्य ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए चुप्पी साध ली है। एसपी ने कहा कि यह मामला ‘टॉप सीक्रेट’ श्रेणी में आता है, इसलिए अभी इससे जुड़ी कोई भी अतिरिक्त जानकारी साझा करना जांच की गोपनीयता के लिए खतरा हो सकता है। फिलहाल, आरोपी को किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर ले जाकर केंद्रीय एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब अमन कुमार का नाम किसी बड़े साइबर अपराध में सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इससे पहले अमन पर कोलकाता एयरपोर्ट के सर्वर को हैक करने का गंभीर आरोप लगा था। उस समय कोलकाता पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उस समय आरोपी नाबालिग था, जिसके कारण वह कानूनी कार्रवाई से बच निकला था और रिहा हो गया था।
PMO जैसे महत्वपूर्ण सरकारी सर्वर तक पहुंच बनाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती और गंभीर चूक का संकेत है। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या वह अकेला काम कर रहा था या किसी अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का हिस्सा है। इस गिरफ्तारी के बाद से इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है और साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स इसे देश की सुरक्षा में एक बड़ी सेंध के रूप में देख रहे हैं।














