पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत 16 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में करीब 58 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं, जिनमें मृतक, स्थायी रूप से शिफ्ट हुए, लापता और डुप्लीकेट एंट्री वाले वोटर शामिल हैं। ड्राफ्ट लिस्ट में अब करीब 7.08 करोड़ वोटरों के नाम हैं। साथ ही, करीब 32 लाख ‘अनमैप्ड’ (2002 की लिस्ट से लिंक न हो पाने वाले) और 1.36 करोड़ वोटरों में त्रुटि पाए जाने पर उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा।
मतदाता अपना नाम ऑनलाइन (voters.eci.gov.in या ceowestbengal.nic.in पर) या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मदद से चेक कर सकते हैं। अगर नाम नहीं है या कोई त्रुटि है, तो घबराने की जरूरत नहीं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं:
- दावा/आपत्ति दर्ज करने की अवधि: 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक। इस दौरान फॉर्म 6 भरकर (ऑनलाइन या BLO ऑफिस में) नाम जोड़ने का दावा करें। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, पासपोर्ट, राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र आदि साथ दें। घोषणा फॉर्म भी भरना होगा, जिसमें भारतीय नागरिकता और पात्रता साबित करनी होगी।
- सुनवाई प्रक्रिया: दावों की सुनवाई और सत्यापन 16 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक होगा। अनमैप्ड या त्रुटि वाले वोटरों को नोटिस भेजकर सुनवाई केंद्र पर बुलाया जाएगा। यहां दस्तावेज दिखाकर अपनी पात्रता साबित करें। सुनवाई में उपस्थित होना जरूरी है, क्योंकि यह मौका है अपनी बात रखने और नाम बचाने का।
सुनवाई में शामिल न होने पर क्या होगा?
अगर नोटिस मिलने के बाद सुनवाई में नहीं जाते और दस्तावेज नहीं दिखाते, तो इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) नाम हटाने का फैसला ले सकता है। क्योंकि प्रक्रिया में सत्यापन अनिवार्य है। लेकिन अगर वैध कारण है, तो बाद में अपील का विकल्प हो सकता है। आयोग का कहना है कि कोई वैध मतदाता बाहर नहीं होगा, बस प्रक्रिया का पालन करें।अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी होगी। हेल्पलाइन 1950 पर कॉल करें या BLO से संपर्क करें। यह प्रक्रिया वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने के लिए है, ताकि 2026 विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हों। नाम चेक करें और समय पर दावा करें!








































