नोएडा सेक्टर-150 में एक गहरे पानी से भरे निर्माण गड्ढे में कार गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में अब सीबीआई जांच में शामिल हो सकती है। यह वही प्लॉट है जिसमें सीबीआई पहले से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि यह प्लॉट नोएडा स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के तहत आवंटित था और इसे 9000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिह्नित किया था। सूत्रों कि मानें तो CBI नोएडा प्राधिकरण से MJ विज टाउन (MZ Wiztown Planners) से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें अपने कब्जे में ले सकती है।
हालांकि नोएडा प्राधिकण के अधिकारियों कि मानें तो पूर्व में इस प्रोजेक्ट से जुड़े कई फाइल सीबीआई के पास हैं, जिसकी जांच ईडी भी कर रही है। अभी तक CBI के जांच अधिकारियों कि मानें तो MJ विज टाउन (Wiztown Planners) को स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट का हिस्सा बेचा गया था। नोएडा अथॉरिटी पर कंपनी का 129 करोड़ रुपये बकाया है। प्लॉट का भू-उपयोग कॉमर्शियल दिखाया गया था, लेकिन काम रुका हुआ है – इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे संस्थागत भ्रष्टाचार का मामला बताया और CBI-ED जांच के आदेश दिए थे। CBI अब बिल्डर की भूमिका, प्राधिकरण अधिकारियों की मिलीभगत, प्लॉट उप-विभाजन की मंजूरी और सुरक्षा लापरवाही की गहन जांच करेगी।





































