असम विधानसभा चुनाव की आहट के बीच राज्य की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा देने के ठीक एक दिन बाद आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया।
प्रमुख बिंदु:
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इस्तीफे के 24 घंटे के भीतर जॉइनिंग: बोरदोलोई ने कल ही कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था।
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चुनाव पर असर: विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस दलबदल को कांग्रेस के लिए ‘बड़ा सेटबैक’ माना जा रहा है।
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बीजेपी का बढ़ता कुनबा: मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में उन्होंने भगवा ध्वज थामा।
प्रद्युत बोरदोलोई असम कांग्रेस के कद्दावर चेहरों में से एक रहे हैं। उनका भाजपा में जाना न केवल कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे को कमजोर करता है, बल्कि चुनाव से पहले मतदाताओं के बीच एक अलग संदेश भी देता है।
भाजपा में शामिल होने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि मैंने भारी मन से कांग्रेस छोड़ी है, लेकिन राष्ट्र निर्माण और असम के विकास के लिए मुझे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भाजपा की नीतियों में भविष्य नजर आता है। कांग्रेस नेतृत्व ने इसे ‘अवसरवाद’ करार दिया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव के समय नेताओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन पार्टी की विचारधारा अडिग है और इससे कार्यकर्ताओं के मनोबल पर कोई असर नहीं पड़ेगा।















