हाल के महीनों में यूपी पुलिस ने ऐसे कई फर्जी अफसरों को धर दबोचा है, जो लंबे समय से सक्रिय थे:
- 20 जनवरी 2026, कानपुर: नितेश पांडे ने खुद को भावी IAS और कानपुर का डीएम बताकर एक युवती से शादी का झांसा देकर 71 लाख रुपये ठग लिए। फर्जी नियुक्ति पत्र और सरकारी ईमेल के सहारे परिवार को लंबे समय तक भ्रम में रखा। जैसे ही सच्चाई सामने आई, परिवार ने हिम्मत जुटाई और पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने तुरंत बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। यह मामला दिखाता है कि पीड़ित अब चुप नहीं रह रहे।
- 17 जनवरी 2026, गोरखपुर: शनि वर्मा ने खुद को IPS अधिकारी बताकर वर्दी पहनकर व्यापारी से 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। एनकाउंटर की धमकी दी, लेकिन व्यापारी ने डर को पार कर शिकायत की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर आरोपी को जेल भेज दिया।
- 10 दिसंबर 2025, गोरखपुर: ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार ने फर्जी IAS ‘गौरव कुमार’ बनकर लाल बत्ती वाली गाड़ी, 10 गनर, स्टेनो और AI से बने फर्जी दस्तावेजों के साथ UP, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में करोड़ों की ठगी की। एक पीड़ित से अकेले 1.70 करोड़ रुपये वसूले। पुलिस ने बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसमें उसके जीजा (सॉफ्टवेयर इंजीनियर) और अन्य साथी शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद और पीड़ित सामने आए, जिससे ठगी की राशि और बढ़ी।
- 15 अक्टूबर 2025, लखनऊ: झारखंड निवासी विवेक मिश्रा उर्फ विवेक आनंद मिश्रा ने खुद को गुजरात कैडर IAS बताकर 150 से ज्यादा लोगों से 80 करोड़ रुपये ठगे। 2019 से चल रहा यह मामला 2025 में CID की लगातार तलाश के बाद खत्म हुआ। फर्जी प्रोफाइल और नौकरी के झांसे से ठगी की जाती थी।
- सितंबर 2025, लखनऊ: सौरभ त्रिपाठी ने लग्जरी गाड़ियों, नकली पास और ईमेल आईडी के साथ IAS बनकर ठगी की। कई राज्यों में सक्रिय था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “अब ठगी के मामले सामने आते ही कार्रवाई तेज होती है। तकनीक का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ भी साइबर विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है।” आगे का रास्ता फर्जी अफसरों का यह खेल भले ही भयावह लगे, लेकिन लगातार गिरफ्तारियां और सख्त निगरानी से यह जाल कमजोर पड़ रहा है। सार्वजनिक जागरूकता, त्वरित सत्यापन और पीड़ितों की हिम्मत से ऐसे ठगों के दिन अब गिने-चुने हैं। अगर कोई संदिग्ध दावा करे, तो बिना डर के पुलिस या आधिकारिक वेबसाइट से जांच कराएं। यूपी पुलिस की यह मुहिम न सिर्फ ठगों को रोक रही है, बल्कि सिस्टम पर जनता का भरोसा भी मजबूत कर रही है।



































