दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर तेज रफ्तार जानलेवा साबित हुई। पापड़दा थाना क्षेत्र के आलूदा के पास हुए भीषण सड़क हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल हो गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई और करीब आठ किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।
यह दुर्घटना एक्सप्रेसवे के पिलर संख्या 193 के पास हुई। उज्जैन के महाकाल मंदिर से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार तेज गति में थी। आगे चल रहे ट्रक का सही अंदाजा न लग पाने से कार पीछे से उसमें जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार ट्रक में फंसकर कई मीटर तक घिसटती चली गई। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों को कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कार में फंसे ड्राइवर सहित अन्य लोगों को पहचान बड़ी मुश्किल से हो पाई। हादसा इतना भीषण था कि शव बुरी तरह कुचल गए थे। उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर लौट रहे पांच श्रद्धालुओं में से अकेले बृजमोहन गुप्ता की जान बची है। ये कार में सबसे पिछली सीट पर बैठे थे। घायल युवक को दौसा के जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शवों को मॉर्च्युरी में रखवाया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद ट्रक ड्राइवर को हादसे का तुरंत अंदाजा नहीं हुआ। इसकी वजह से ट्रक के साथ कार घिसटती चली गई। कार सवारों को बचने का भी कोई मौका नहीं मिला।
हादसे में नोएडा के रहनेवाले राहुल गुप्ता (35), पारस अग्रवाल (35), प्रिंस गुप्ता (35) और विक्रम सिंह (30) की मौके पर ही मौत हो गई। कार की पिछली सीट पर बैठे बृजमोहन गुप्ता को मामूली चोटें आईं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवक ने बताया कि प्रभु की कृपा से उसकी जान बच गई। लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।































