पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपने खास अंदाज और हाजिर जवाबी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन राजस्थान के चूरू में उनके एक ताजा बयान ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। चूरू दौरे के दौरान धनखड़ ने न केवल राजनीति, बल्कि ‘लक्ष्मी’ (धन) और व्यक्तिगत डर पर ऐसी टिप्पणी की, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।
पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां और पूर्व विधायक कमला कस्वां का कुशलक्षेम जानने पहुंचे धनखड़ ने हंसी-मजाक के बीच एक चौंकाने वाली बात कही। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा मुझे तो दाढ़ी वालों से बहुत डर लगता है। हालत यह है कि मेरा ओएसडी भी कई बार दाढ़ी बढ़ा लेता है, तो मुझे डर लगने लगता है। उनके इस बयान को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है कि आखिर उनके इस निशाने पर कौन है या यह महज एक हल्का-फुल्का मजाक था।
धनखड़ ने धन की महत्ता और मानवीय स्वभाव पर भी गहरा कटाक्ष किया। उन्होंने व्यापारियों की मानसिकता पर चुटकी लेते हुए कहा कि आज के दौर में लक्ष्मी (पैसा) हर जगह हावी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यापारी से पूछो कि बच्चा ICU में है, तो वह वहां भी सुधार की गुंजाइश ‘टके’ (मुनाफे) में ही मापेगा।
धनखड़ ने दो टूक कहा कि लक्ष्मी की अहमियत हर चीज में है, लेकिन यह आसानी से सबको पचती नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन के हर पहलू में भले ही धन का महत्व हो, लेकिन राजनीति में इसकी वैसी जगह नहीं होनी चाहिए।
अपने कार्यकाल को याद करते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने कभी भी पद और जिम्मेदारी से जी नहीं चुराया। उन्होंने गर्व से साझा किया कि जब उन्होंने पद का त्याग किया, तब भी उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वह बीमार हैं या काम करने में असमर्थ हैं। जगदीप धनखड़ का यह राजस्थान दौरा और उनके ये बयान आने वाले दिनों में चर्चा का केंद्र बने रहेंगे। खासकर ‘दाढ़ी’ और ‘लक्ष्मी’ वाले बयानों के अब अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।


















