क्या आप खुद को फिट समझते हैं? सावधान हो जाइए! देश के एक नामी अस्पताल द्वारा जारी ‘हेल्थ ऑफ द नेशन 2026’ रिपोर्ट ने भारतीयों की सेहत को लेकर एक ऐसी तस्वीर पेश की है जो न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि डराने वाली भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत एक ‘साइलेंट हेल्थ इमरजेंसी’ की ओर बढ़ रहा है, जहां बीमारियां अब शरीर में बिना किसी लक्षण के घर कर रही हैं।
यह रिपोर्ट साल 2025 में की गई लगभग 30 लाख स्वास्थ्य जांचों के व्यापक आंकड़ों पर आधारित है। देश की राजधानी और आसपास के इलाकों की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाला हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी गंभीर समस्या की चपेट में है।
रिपोर्ट के मुताबिक 81% लोग मोटापे के शिकार पाए गए हैं और 17% लोग डायबिटीज और 19% हाइपरटेंशन से जूझ रहे हैं। वहीं 23% की आबादी एनीमिया (खून की कमी) की गिरफ्त में है।
सबसे हैरान करने वाला खुलासा युवाओं को लेकर हुआ है। अब बीमारियां उम्र देखकर नहीं आतीं। 30 साल से कम उम्र के हर 5 में से 1 व्यक्ति प्रीडायबिटीज की स्थिति में है। कामकाजी आबादी में लगभग आधे लोग या तो प्रीडायबिटीज हैं या पूर्ण रूप से डायबिटीज के मरीज बन चुके हैं।
फिटनेस का अभाव की वजह से 10 में से 8 लोगों का वजन सामान्य से कहीं अधिक है। विटामिन की भारी कमी 70% लोगों में विटामिन-D और 50% में विटामिन-B12 की कमी पाई गई है।
रिपोर्ट कहती है कि अगर समय पर (युवावस्था में) इलाज शुरू हो जाए, तो 28% लोग फिर से सामान्य स्थिति में लौट आते हैं। लेकिन 50 साल की उम्र के बाद यह सुधार दर गिरकर सिर्फ 7% रह जाती है।
रिपोर्ट में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि बीमारियां अब ‘छिपकर’ हमला कर रही हैं। 74% मामलों में लिवर एंजाइम सामान्य मिले, यानी बिना किसी वार्निंग के लिवर खराब हो रहा है। 45% लोगों में शुरुआती हार्ट डिजीज (एथेरोस्क्लेरोसिस) के कोई लक्षण नहीं दिखे।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर रिपोर्ट के आंकड़े डराने वाले हैं। कामकाजी महिलाओं में 80% महिलाओं का वजन जरूरत से ज्यादा है। हर 4 में से 1 महिला हाई ब्लड प्रेशर की शिकार है। कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर और एनीमिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
अस्पताल के फाउंडर चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा कि आज के दौर में स्वास्थ्य अब केवल अस्पताल तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और सक्रिय जिम्मेदारी बन गया है। वहीं, संयुक्त प्रबंध निदेशक डॉ. संगीता रेड्डी ने चेतावनी दी कि कैंसर और हृदय रोगों का शुरुआती चरण में पता केवल नियमित जांच से ही संभव है।
अगर आप भी थकान, वजन बढ़ना या सुस्ती महसूस कर रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह ‘हेल्थ ऑफ द नेशन’ रिपोर्ट एक अलार्म है—समय रहते जागने का।














