एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होने जा रहे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नोएडा पुलिस ‘फुल अलर्ट’ मोड पर है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के कड़े निर्देशों के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए व्यापक खाका तैयार कर उसे जमीन पर उतार दिया गया है। आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए न केवल 5 नई पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं, बल्कि अत्याधुनिक पीसीआर और पीआरवी वाहनों का जाल भी बिछा दिया गया है।
एयरपोर्ट के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को दो स्तरों पर बांटा गया है। आंतरिक सुरक्षा के लिए नवसृजित ‘जेवर डोमेस्टिक टर्मिनल पुलिस स्टेशन’ के तहत माइल स्टोन-32, कार्गो टर्मिनल और डोमेस्टिक टर्मिनल पर तीन चौकियां बनाई गई हैं।
वहीं बाहरी घेराबंदी के तहत आसपास के इलाकों की निगरानी के लिए थाना रबूपुरा के अंतर्गत माइल स्टोन-27 और थाना दनकौर के अंतर्गत माइल स्टोन-15 पर अस्थायी चौकियां तैनात की गई हैं।
यातायात को सुचारू रखने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 7 विशेष वाहन आवंटित किए गए हैं। इन वाहनों की तैनाती कुछ इस प्रकार होगी:
| वाहन की संख्या | तैनाती क्षेत्र / रूट |
| 01 पीसीआर | यमुना एक्सप्रेस-वे (जेवर टोल से फलैदा कट तक गश्त) |
| 01 पीसीआर | एयरपोर्ट का मुख्य पहुंच मार्ग (Main Access Road) |
| 02 पीआरवी | बाहरी क्षेत्र (स्कार्पियो इंटरचेंज से थोरा और नगला हुकम सिंह से बंकापुर खुर्जा रोड) |
| 03 पीआरवी | जेवर डोमेस्टिक टर्मिनल पुलिस स्टेशन क्षेत्राधिकार में गश्त |
ये सभी पीआरवी/पीसीआर वाहन हाई-टेक सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में त्वरित रिस्पांस दिया जा सके।
पुलिस कमिश्नरेट का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त माहौल प्रदान करना है। इस नई व्यवस्था से न केवल एयरपोर्ट परिसर बल्कि यमुना एक्सप्रेस-वे और उससे जुड़े संपर्क मार्गों पर भी अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम कसी जा सकेगी।















