पीएम मोदी ने भी कलियाबोर में जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, काजीरंगा केवल एक नेशनल पार्क नहीं है। यह असम की आत्मा है। ये भारत की बायो-डायवर्सिटी का एक अनमोल रत्न भी है। यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया है। काजीरंगा और यहां के वन्य जीवों के बचाना केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं है, बल्कि यह असम की आने वाली पीढ़ी के भविष्य का भी दायित्व भी है।
पीएम मोदी ने कहा, हर साल जब ब्रह्मपुत्र का जलस्तर बढ़ता है तो यहां के वन्यजीव ऊंचे इलाकों की ओर निकलते है। गैंडे, हाथी सड़क के किनारे फंस जाते है। इसलिए यहां 90 किमी लंबा कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। इसके लिए 7 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।’
दशकों तक यहां के लोगों को महसूस होता रहा कि देश का विकास कहीं और हो रहा है और वे पीछे छूट रहे हैं। इस भावना को बदलने का का काम हमने किया। नॉर्थ ईस्ट इंडिया के विकास के अपनी प्राथमिकता बनाया।
नॉर्थ ईस्ट के रेल कनेक्टिविटी बहुत महत्वपूर्ण थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया। हमने यहां रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाया।’
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि काजीरंगा कॉरिडोर वन्य जीवन की सुरक्षा और कनेक्टिविटी दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
जनसभा को भी संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा आज फिर काजीरंगा आने का सौभाग्य मिला है। ऐसे में मुझे अपनी पिछली यात्रा याद आना बहुत स्वाभाविक है। दो वर्ष पहले काजीरंगा में बिताए गए पल मेरे जीवन के बहुत खास अनुभवों में शामिल हैं। मुझे काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम का अवसर मिला था और अगले दिन एलिफेंट सफारी के दौरान मैंने इस क्षेत्र की सुंदरता को बहुत करीब से महसूस किया था। मुझे हमेशा असम आकर एक अलग ही खुशी मिलती है। उन्होंने कहा ‘मैं पूरे देश के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को बधाई देता हूं।


























