महाराष्ट्र की राजनीति के गढ़ बारामती में आज उस समय हड़कंप मच गया जब NCP (SP) विधायक रोहित पवार, युगेंद्र पवार और राजेंद्र पवार के साथ अचानक बारामती पुलिस स्टेशन जा पहुंचे। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर रोहित पवार ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। उनकी मांग है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लापरवाही की गहन जांच हो और विमानन नियामक DGCA व संबंधित कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
जैसे ही रोहित पवार के पुलिस स्टेशन पहुंचने की खबर फैली, भारी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता वहां जमा हो गए। पुलिस स्टेशन के बाहर माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। समर्थकों द्वारा की जा रही जबरदस्त नारेबाजी से पूरा इलाका गूंज उठा है। लोग “न्याय चाहिए” के नारे लगा रहे हैं और मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
रोहित पवार ने मीडिया से बात करते हुए इस हादसे को केवल एक ‘तकनीकी खराबी’ मानने से इनकार कर दिया। उनका आरोप है कि क्या उड़ान से पहले विमान की ठीक से जांच की गई थी? रोहित पवार ने DGCA के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि विमान की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। उन्होंने मांग की है कि इस हादसे के पीछे जो भी लोग या संस्थाएं जिम्मेदार हैं, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
अजित पवार के विमान हादसे के बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं गर्म थीं, लेकिन रोहित पवार के इस कदम ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। बारामती, जो पवार परिवार का शक्ति केंद्र है, वहां इस तरह का विरोध प्रदर्शन और कानूनी मांग आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल ला सकती है।
रोहित पवार का कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती। हम तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक इस बात की सच्चाई सामने नहीं आ जाती कि आखिर उस दिन क्या हुआ था। DGCA और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
फिलहाल, बारामती पुलिस ने रोहित पवार और उनके साथियों की शिकायत ले ली है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और कानून के मुताबिक उचित कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, बाहर बढ़ रही भीड़ को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।


















