उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई। इस प्रक्रिया में कुल 2.89 करोड़ नाम हटाए गए, जिससे मतदाता संख्या 15.44 करोड़ से घटकर 12.55 करोड़ हो गई। मुख्य कारण मृतक मतदाता (46.23 लाख), स्थानांतरित हुए व्यक्ति (2.57 करोड़) और डुप्लीकेट एंट्री बताए गए। यह देश में अब तक की सबसे बड़ी मतदाता सूची सफाई अभियान है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया घर-घर सत्यापन पर आधारित है। बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) ने हर मतदाता तक पहुंचकर फॉर्म भरवाए। जिनके फॉर्म नहीं मिले या सत्यापन नहीं हुआ, उनके नाम ड्राफ्ट में नहीं जोड़े गए। हालांकि, यह ड्राफ्ट लिस्ट अंतिम नहीं है। 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। योग्य मतदाता फॉर्म 6 भरकर नाम जोड़वा सकते हैं। अंतिम लिस्ट 6 मार्च 2026 को जारी होगी।

कुछ जिलों में कटौती अधिक हुई, जैसे लखनऊ, गाजियाबाद और कानपुर में। मुस्लिम बहुल जिलों जैसे संभल, मुरादाबाद, रामपुर में 15-18% तक नाम कम हुए, लेकिन शहरी क्षेत्रों में यह प्रतिशत अधिक रहा। मुख्य चुनाव आयुक्त नवदीप रिनवा ने कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है।
मतदाता voters.eci.gov.in पर अपना नाम चेक कर सकते हैं और जरूरी फॉर्म भर सकते हैं।
यह अभियान लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्वच्छ मतदाता सूची से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित होते हैं। चुनाव आयोग ने सभी से अपील की है कि योग्य मतदाता अपना नाम जरूर चेक करें और प्रक्रिया में भाग लें।











