शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों ने अब एक नया और विस्फोटक मोड़ ले लिया है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस मामले में मठ के सीईओ प्रकाश उपाध्याय के शामिल होने का दावा करते हुए पूरे तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने नया खुलासा करते हुए कहा कि नाबालिग बटुकों के यौन शोषण में मठ का कामकाज देखने वाला सीईओ प्रकाश उपाध्याय मुख्य भूमिका में था। आरोप है कि प्रकाश उपाध्याय ही बाढ़ग्रस्त राज्यों से गरीब बटुकों को फुसलाकर लाता था। गुरु सेवा के नाम पर मुकुंदानंद के साथ मिलकर इन बच्चों को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पास भेजा जाता था। इससे पहले आरोपी अरविंद मिश्रा (स्वामी के गुरु भाई) का नाम भी सामने आ चुका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार दोनों नाबालिग बटुकों का पॉक्सो कोर्ट में बीएनएस की धारा 183 के तहत बयान दर्ज कराया गया है। पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण भी संपन्न हो चुका है, जिसमें यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उनके संपर्क में सिर्फ 2 नहीं, बल्कि करीब 20 और पीड़ित हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस मामले में सपा और कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं के शामिल होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, उन्होंने अभी नामों का खुलासा नहीं किया है और कहा है कि सही समय आने पर वे इन नामों को सार्वजनिक करेंगे। जिस तरह के सबूत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ हैं, उन्हें जेल जाने से अब कोई नहीं बचा सकता। जल्द ही षड्यंत्र में शामिल एक और बड़े नाम का खुलासा होगा।”
आरोपों के मुताबिक, यह घिनौना खेल किसी एक जगह तक सीमित नहीं था। नाबालिगों के शोषण के लिए कई स्थानों का जिक्र किया गया है। इसमें वाराणसी मठ और विद्या मठ का ‘शीश महल’, माघ मेला (प्रयागराज), बद्रीनाथ धाम और नरसिंह आश्रम (जबलपुर)। आशुतोष ने आरोप लगाया कि विद्या मठ के ‘शीश महल’ की चर्चा होने के बाद वहां बने स्विमिंग पूल को रातों-रात मिट्टी से भरवा दिया गया है, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद गिरी और तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। तीन अज्ञात आरोपियों में से अब तक दो नाम— अरविंद मिश्रा और प्रकाश उपाध्याय सामने आ चुके हैं। तीसरे नाम का खुलासा होना अभी बाकी है। फिलहाल, आशुतोष ब्रह्मचारी प्रयागराज से वापस लौट चुके हैं, लेकिन उनके दावों ने धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।


















