- ढाका, 20 दिसंबर 2025
बांग्लादेश के युवा छात्र नेता और 2024 के जुलाई विद्रोह के प्रमुख चेहरों में से एक शरीफ उस्मान हादी (उर्फ उस्मान हादी) की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। 32 वर्षीय हादी पर 12 दिसंबर को ढाका के पुराना पलटन इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने गोली मार दी थी। सिर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हादी को पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फिर एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर 15 दिसंबर को उन्हें एयर एम्बुलेंस से सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर की रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
- कौन थे शरीफ उस्मान हादी?
शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के दक्षिणी झालकाठी जिले के नलचिटी गांव में पैदा हुए थे। उनके पिता मदरसे में शिक्षक और स्थानीय मस्जिद में इमाम थे, जिससे उनका पालन-पोषण गहन इस्लामी माहौल में हुआ। 2024 के छात्र आंदोलन (‘जुलाई विद्रोह’) में हादी प्रमुख भूमिका निभाई, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया। वे ‘इंकलाब मंच’ (इन्किलाब मंचो) के संस्थापक सदस्य और प्रवक्ता थे। हादी भारत-विरोधी बयानबाजी के लिए जाने जाते थे और अवामी लीग तथा भारत की आलोचना करते थे। वे आगामी फरवरी 2026 के संसदीय चुनाव में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में प्रचार कर रहे थे।
- हमले और मौत के बाद क्या हुआ?
हादी की मौत की खबर फैलते ही बांग्लादेश में व्यापक हिंसा भड़क उठी। ढाका सहित कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी की। प्रमुख अखबारों ‘प्रोथोम आलो’ और ‘डेली स्टार’ के दफ्तरों पर हमला हुआ, जहां आग लगा दी गई और कई पत्रकार फंस गए। चटगांव और राजशाही में भारतीय सहायक उच्चायोगों पर हमला करने की कोशिश हुई। प्रदर्शनों में भारत-विरोधी नारे लगे और कुछ नेताओं ने दावा किया कि हत्यारे भारत भाग गए हैं। एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिसकी अंतरिम सरकार ने निंदा की।
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित कर हादी की मौत की पुष्टि की और उन्हें ‘जुलाई विद्रोह का निडर योद्धा’ बताया। उन्होंने हत्यारों को जल्द पकड़ने का वादा किया, एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया और हादी के परिवार की जिम्मेदारी लेने की बात कही। हादी का जनाजा शनिवार को संसद भवन परिसर में होगा और उन्हें ढाका यूनिवर्सिटी कैंपस में दफनाया जाएगा।
हत्या की जांच और आरोपपुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में फैसल करीम मसूद (उर्फ दाउद खान) की पहचान की है, जो पूर्व छात्र लीग (अवामी लीग की छात्र इकाई) नेता बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैसल ने हमले से एक दिन पहले अपनी प्रेमिका को संदेश दिया था कि ‘कल बांग्लादेश हिल जाएगा’। हमले में इस्तेमाल हथियार विदेशी पिस्तौल थे। कुछ आरोपियों के भारत भागने की आशंका जताई गई, जिस पर बांग्लादेश ने भारत से सहयोग मांगा, लेकिन भारत ने इन आरोपों को खारिज किया। जांच जारी है और कई गिरफ्तारियां हुई हैं।हादी की मौत ने बांग्लादेश की राजनीति को और अस्थिर कर दिया है। चुनाव से पहले यह घटना साजिश मानी जा रही है, जो देश में कट्टरपंथी ताकतों को मजबूत कर सकती है। अंतरिम सरकार ने शांति की अपील की है, लेकिन प्रदर्शन जारी हैं। यह घटना बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।








































