ढाका, 20 दिसंबर 2025: बांग्लादेश के युवा नेता और जुलाई क्रांति के प्रमुख चेहरे शरीफ उस्मान हादी (उर्फ उस्मान हादी) का जनाजा आज ढाका में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। जातीय संसद भवन के दक्षिण प्लाजा में लाखों लोगों की भीड़ जुटी, जहां अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद युनूस ने जनाजे में शिरकत की और हादी को भावुक श्रद्धांजलि दी। युनूस ने हादी की मशहूर नारा “बल वीर—चिर उन्नत मम शिर” (वीर बोलो, हमारा सिर हमेशा ऊंचा रहेगा) का जिक्र करते हुए कहा, “हादी, तुम हार नहीं मानोगे। तुम युगों-युगों तक हमारे साथ रहोगे। तुमने हमें मंत्र दिया कि हमारे सिर कभी झुकेंगे नहीं।
युनूस की श्रद्धांजलि: “वीर था हादी”मुहम्मद युनूस ने जनाजे में भाषण देते हुए हादी को “क्रांतिकारी रक्त से जीवंत प्रतिरोध का प्रतीक” बताया। उन्होंने कहा, “आज हम विदाई देने नहीं आए हैं, बल्कि वादा करने आए हैं कि हादी के सपनों को पूरा करेंगे। उनका मंत्र—‘वीर बोलो, सिर कभी न झुके’—हमेशा गूंजता रहेगा।” युनूस ने हादी की मानवता प्रेम, लोगों से जुड़ाव और राजनीतिक आदर्शों की तारीफ की।
हादी कौन थे?
32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी 2024 की छात्र-जनता क्रांति (जुलाई विद्रोह) के प्रमुख नेता थे, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिराई। वे इंकिलाब मंच (प्लेटफॉर्म फॉर रेवोल्यूशन) के प्रवक्ता थे और फरवरी 2026 के चुनाव में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार थे। हादी भारत-विरोधी बयानों और कट्टरपंथी विचारों के लिए जाने जाते थे। 12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान ढाका के बिजॉयनगर इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मारी। सिंगापुर में इलाज के दौरान 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद हिंसा और तनावहादी की मौत की खबर पर गुरुवार रात से देशभर में हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने अखबारों (प्रथम आलो, डेली स्टार) के दफ्तरों में आग लगाई, बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम को नुकसान पहुंचाया और चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग पर पत्थर फेंके। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हमलावर भारत भाग गए। युनूस सरकार ने हिंसा की निंदा की और हत्यारों को जल्द सजा देने का वादा किया। जांच जारी है, कुछ संदिग्ध गिरफ्तार हुए हैं।
यह जनाजा बांग्लादेश की राजनीति में नए तनाव का संकेत दे रहा है, खासकर आगामी चुनावों से पहले। हादी के समर्थक उन्हें “शहीद” मान रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।








































