शपथ ग्रहण के दौरान सुनेत्रा पवार ने मराठी में शपथ ली: “मी सुनेत्रा अजित पवार…” और संविधान के प्रति निष्ठा तथा राज्य के हित में काम करने का संकल्प लिया। समारोह में ‘अजित दादा अमर रहे’ के नारे गूंजे, जो दिवंगत नेता के प्रति श्रद्धांजलि का प्रतीक था। शपथ ग्रहण के बाद विभागों के आवंटन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार:
- वित्त (फाइनेंस) और नियोजन (प्लानिंग) विभाग, जो पहले अजित पवार के पास थे, अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संभालेंगे।
- इस साल (2026) का राज्य बजट भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही पेश करेंगे। (गौरतलब है कि 2023 में भी फडणवीस ने वित्त विभाग संभाला था।)
- सुनेत्रा पवार को अजित पवार के अन्य प्रमुख विभाग सौंपे जा सकते हैं, जिनमें राज्य उत्पाद शुल्क (एक्साइज), खेल एवं युवा कल्याण (स्पोर्ट्स एंड यूथ वेलफेयर), अल्पसंख्यक विकास एवं वक्फ (माइनॉरिटी डेवलपमेंट एंड वक्फ) शामिल हैं।
एनसीपी सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वित्त विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेगा, ताकि बजट प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहे। विभागों का पूर्ण री-एलोकेशन जल्द होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री फडणवीस राज्यपाल को पत्र लिखकर इसकी जानकारी देंगे। सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। उप-मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें छह महीने के अंदर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद में प्रवेश करना होगा, संभवतः बारामती उपचुनाव या एमएलसी के रूप में। उनकी नियुक्ति एनसीपी में स्थिरता लाने और अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
































