- ऑर्डिनरी (साधारण) क्लास: 215 किलोमीटर से कम दूरी की यात्राओं पर कोई बढ़ोतरी नहीं। 215 किमी से ज्यादा दूरी पर प्रति किलोमीटर 1 पैसा की बढ़ोतरी।
- मेल/एक्सप्रेस नॉन-एसी और एसी क्लास: सभी दूरी पर प्रति किलोमीटर 2 पैसे की बढ़ोतरी।
- उदाहरण: 500 किलोमीटर की नॉन-एसी यात्रा पर यात्रियों को सिर्फ 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। लंबी दूरी जैसे 1000-2000 किमी पर 20-40 रुपये ज्यादा।
- कोई असर नहीं: सबअर्बन (लोकल) ट्रेनें, मंथली सीजन टिकट (MST), और छोटी दूरी की साधारण यात्राएं पूरी तरह छूट पर।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव से वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद है। यह रकम नेटवर्क विस्तार, सुरक्षा सुधार, और यात्री सुविधाओं (जैसे नई ट्रेनें, स्टेशन अपग्रेड) पर खर्च की जाएगी। रेलवे की कुल परिचालन लागत इस साल 2.63 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिसमें कर्मचारी वेतन और पेंशन का बड़ा हिस्सा है।यह बदलाव जुलाई 2025 की किराया बढ़ोतरी के बाद दूसरा समायोजन है, जब भी मामूली बढ़ोतरी से 700 करोड़ की अतिरिक्त आय हुई थी। रेलवे का जोर माल ढुलाई बढ़ाने पर है, लेकिन यात्री सेगमेंट से भी संतुलित कमाई जरूरी बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी बेहद न्यूनतम है और आम यात्रियों पर ज्यादा बोझ नहीं डालेगी, खासकर जब रेलवे करोड़ों यात्रियों को सब्सिडी देता रहा है।यात्रियों से अपील है कि टिकट बुकिंग से पहले IRCTC ऐप या वेबसाइट पर नई दरें चेक कर लें। 26 दिसंबर से पहले बुक किए टिकट पुरानी दरों पर ही वैलिड रहेंगे। कुल मिलाकर, रेलवे का यह कदम सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में है, लेकिन लंबी दूरी के नियमित यात्रियों को थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।































