भारतीय राजनीति का रंगमंच बेहद दिलचस्प है। यहां एक तरफ तो वो रसूखदार चेहरे हैं जिनकी अकूत दौलत का आंकड़ा सुनकर आम आदमी की आंखें फटी की फटी रह जाएं, और दूसरी तरफ वो राजनेता भी हैं जो बरसों तक सत्ता के शीर्ष पर रहने के बावजूद अपनी जेब में चंद लाख रुपये ही समेट पाए हैं।
देश की सियासत में इस समय सत्ता और संपत्ति के इस खेल की चर्चाएं जोरों पर हैं. कर्नाटक की राजनीति में ‘कनकपुरा की चट्टान’ कहे जाने वाले और कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार सूबे के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, डीके शिवकुमार की ताजपोशी के बाद अब वे देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बन गए हैं।

वहीं दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल की ‘दीदी’ यानी ममता बनर्जी जैसी राजनेता भी हैं, जिनकी कुल जमा-पूंजी देश में सबसे कम है। आइए उठाते हैं सियासत के इस दिलचस्प खेल से पर्दा और जानते हैं कि देश के टॉप-5 सबसे अमीर और सबसे गरीब मुख्यमंत्रियों की इस फेहरिस्त में कौन कहां खड़ा है।
देश के टॉप-5 सबसे अमीर मुख्यमंत्री: दक्षिण भारत का दबदबा
डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालते ही अब देश के शीर्ष तीन सबसे अमीर मुख्यमंत्री दक्षिण भारत से आते हैं। अरबों की चल-अचल संपत्ति के मालिक इन मुख्यमंत्रियों की सूची इस प्रकार है:
| रैंक | मुख्यमंत्री का नाम | राज्य | कुल संपत्ति (लगभग) |
| 1 | डीके शिवकुमार | कर्नाटक | ₹1,413.78 करोड़ |
| 2 | एन. चंद्रबाबू नायडू | आंध्र प्रदेश | ₹931 करोड़+ |
| 3 | सी. जोसेफ विजय | तमिलनाडु | ₹648 करोड़+ |
| 4 | पेमा खांडू | अरुणाचल प्रदेश | ₹332 करोड़+ |
| 5 | नेफियू रियो | नागालैंड | ₹46 करोड़+ |
₹1,140 करोड़ की अचल संपत्ति के मालिक हैं डीके शिवकुमार
चुनावी हलफनामे के मुताबिक, कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पास ₹1,140.36 करोड़ की भारी-भरकम अचल संपत्ति है। इसमें बेंगलुरु, मैसूर, कनकपुरा और दिल्ली में आलीशान आवासीय संपत्तियों के अलावा बेंगलुरु के गोपालपुरा इलाके में स्थित एक विशाल मॉल (ग्लोबल मॉल) और पुश्तैनी कृषि भूमि शामिल है।
इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और हाई-टेक राजनीति के अगुवा एन. चंद्रबाबू नायडू हैं, जिनकी संपत्ति ₹931 करोड़ से अधिक है। वहीं तीसरे नंबर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार सी. जोसेफ विजय हैं, जिनकी कुल संपत्ति ₹648 करोड़ से अधिक घोषित है।
देश के सबसे कम संपत्ति वाले (सबसे गरीब) मुख्यमंत्री
जहां एक तरफ अरबों की संपत्ति वाले राजनेता हैं, वहीं दूसरी तरफ बेहद सादगी और कम संपत्ति के साथ राज्यों की कमान संभालने वाले मुख्यमंत्री भी इस फेहरिस्त का हिस्सा हैं:
| रैंक | मुख्यमंत्री का नाम | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | कुल संपत्ति (लगभग) |
| 1 | ममता बनर्जी (पूर्व) | पश्चिम बंगाल | ₹15.38 लाख |
| 2 | ओमर अब्दुल्ला | जम्मू और कश्मीर | ₹55.24 लाख |
| 3 | पिनाराई विजयन | केरल | ₹1.18 करोड़ |
| 4 | भजन लाल शर्मा | राजस्थान | ₹1.46 करोड़ |
| 5 | योगी आदित्यनाथ | उत्तर प्रदेश | ₹1.54 करोड़ |
महज ₹15 लाख की मालकिन हैं ममता बनर्जी, पांचवें नंबर पर योगी आदित्यनाथ
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कुल घोषित संपत्ति महज ₹15.38 लाख है. उनके पास न तो खुद का कोई वाहन है और न ही कोई अचल संपत्ति जैसे घर या जमीन। वे अपनी आय का जरिया केवल किताबों की रॉयल्टी और सामाजिक कार्यों को बताती हैं, जो उन्हें देश का सबसे कम संपत्ति वाला मुख्यमंत्री बनाता है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्रियों में 5वें स्थान पर आते हैं। एक संन्यासी का जीवन जीने वाले योगी आदित्यनाथ की कुल घोषित संपत्ति करीब ₹1.54 करोड़ है, जिसमें मुख्य रूप से उनके बैंक खाते में जमा राशि और कुछ धार्मिक आभूषण शामिल हैं।
ADR की यह रिपोर्ट साफ दर्शाती है कि भारतीय लोकतंत्र में जहां एक तरफ बड़े कॉरपोरेट बैकग्राउंड और अरबों की संपत्ति वाले नेता अपनी धाक जमा रहे हैं, वहीं जनता के बीच से निकले बेहद कम संपत्ति वाले चेहरे भी मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर तय कर रहे हैं।