उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। यूपी को करीब 4 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपना स्थायी डीजीपी (Permanent DGP) मिल गया है। सीनियर आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को उत्तर प्रदेश पुलिस का नया कप्तान नियुक्त कर दिया गया है।
अब तक कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी संभाल रहे राजीव कृष्ण को सरकार ने पूर्णकालिक डीजीपी बनाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उनका बायोडाटा अपडेट हो चुका है। इस बड़े फैसले के बाद अब राजीव कृष्ण कम से कम अगले दो वर्षों तक यूपी पुलिस के मुखिया के पद पर बने रहेंगे। अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने इस नियुक्ति का आधिकारिक आदेश जारी किया है।

4 साल का सूखा खत्म, मई 2022 के बाद पहली बार स्थायी नियुक्ति
उत्तर प्रदेश में मई 2022 के बाद यह पहली बार है जब किसी अधिकारी को स्थायी तौर पर डीजीपी की कमान सौंपी गई है। योगी सरकार ने पिछले 4 साल से चल रहे ‘कार्यवाहक डीजीपी’ के सिलसिले को खत्म करते हुए राजीव कृष्ण के नाम पर मुहर लगाई है।
दिल्ली की हाई-लेवल मीटिंग में कटा टिकट, रेस में छूटे ये दिग्गज
यूपी के स्थायी डीजीपी की यह रेस बेहद रोमांचक थी। राज्य सरकार की ओर से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को 19 सीनियर आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल भेजा गया था। दिल्ली में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में इनमें से 3 नाम शॉर्टलिस्ट किए गए थे:
- राजीव कृष्ण (1991 बैच)
- रेणुका मिश्रा (सीनियर आईपीएस)
- पीयूष आनंद (सीनियर आईपीएस)
राजीव कृष्ण ने रेस में शामिल बाकी दोनों दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए यूपी पुलिस के ‘बॉस’ की कुर्सी पर अपना कब्जा जमा लिया।
कौन हैं यूपी के नए पुलिस कप्तान राजीव कृष्ण?
राजीव कृष्ण यूपी कैडर के 1991 बैच के बेहद तेज-तर्रार और कड़क आईपीएस अधिकारी माने जाते हैं। उनके बारे में कुछ खास बातें:
- जन्म और शिक्षा: राजीव कृष्ण का जन्म 26 जून 1969 को गौतमबुद्ध नगर में हुआ था। उनके पिता का नाम एचके मित्तल है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन से इंजीनियरिंग की, लेकिन देश सेवा के लिए यूपीएससी (UPSC) का रुख किया।
- शुरुआती करियर: उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में ट्रेनी IPS के तौर पर की थी। इसके बाद वे बरेली, कानपुर और अलीगढ़ में ASP रहे।
- जिलों की कमान: 10 मार्च 1997 को उन्हें पहली बार फिरोजाबाद का एसपी बनाया गया। इसके बाद वे इटावा, मथुरा, फतेहगढ़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, आगरा, लखनऊ और बरेली जैसे भारी-भरकम जिलों के एसएसपी रहे।
- मायावती राज में दबदबा: मायावती के शासनकाल में राजीव कृष्ण की काबिलियत को देखते हुए उन्हें लखनऊ जिले का डीआईजी (DIG) बनाया गया था। इसके बाद वे मेरठ रेंज के आईजी भी रहे।
- केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और वापसी: साल 2012 में वे सेंट्रल डेपुटेशन पर चले गए थे। सितंबर 2017 में वापसी के बाद उन्हें मुरादाबाद पुलिस अकादमी भेजा गया। इसके बाद वे लखनऊ और आगरा जोन के एडीजी (ADG) भी रहे। 1 फरवरी 2024 को वे डीजी (DG) रैंक पर प्रमोट हुए थे।
पिछले 4 साल से कार्यवाहक के भरोसे था यूपी, देखिए कब कौन रहा ‘Temporary’ कप्तान
11 मई 2022 को जब योगी सरकार ने तत्कालीन पूर्णकालिक डीजीपी मुकुल गोयल को पद से हटाया था, तब से यूपी में लगातार कार्यवाहक डीजीपी ही बनाए जा रहे थे।
मुकुल गोयल के बाद ऐसे बदली यूपी पुलिस की कमान:
- डीएस चौहान: 13 मई 2022 से 31 मार्च 2023 तक (कार्यवाहक)
- आरके विश्वकर्मा: 1 अप्रैल 2023 से 31 मई 2023 तक (कार्यवाहक)
- विजय कुमार: 1 जून 2023 से 31 जनवरी 2024 तक (कार्यवाहक)
- प्रशांत कुमार: 1 फरवरी 2024 से 31 मई 2025 तक (कार्यवाहक)
- राजीव कृष्ण: 1 जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कमान संभाल रहे थे, जिन्हें अब 31 मई 2026 को स्थायी डीजीपी का फुल टाइम चार्ज दे दिया गया है।
अब देखना होगा कि पूर्णकालिक डीजीपी के तौर पर दो साल के फिक्स कार्यकाल में राजीव कृष्ण यूपी की कानून व्यवस्था को और कितना चुस्त-दुरुस्त बनाते हैं।