पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से एक बड़ी राजनीतिक झड़प की खबर सामने आ रही है। चंडीटला थाना परिसर के सामने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी पर कथित तौर पर हमला किया गया है। टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने उन पर पत्थर या गेंद जैसी भारी वस्तु से वार किया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई है।
दूसरी ओर, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल एक “राजनीतिक ड्रामा” करार दिया है। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी चंडीटला थाने में एक ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। वे पार्टी के शीर्ष नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले का विरोध कर रहे थे और साथ ही गिरफ्तार किए गए टीएमसी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहे थे।
लेकिन ज्ञापन सौंपने से पहले ही थाने के बाहर टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई।
“चोर-चोर” के नारों से बिगड़ा माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीएमसी समर्थकों को देखते ही “चोर-चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को हाथ से निकलता देख मौके पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central Forces) को तैनात किया गया। इसी अफरातफरी के बीच किसी अज्ञात वस्तु (गेंद या पत्थर) से कल्याण बनर्जी पर हमला हुआ।
कल्याण बनर्जी का आरोप: “लोकतंत्र पर हमला”
हमले के बाद सिर पर भीगा हुआ रूमाल रखे नजर आए कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
“जब हम लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने और ज्ञापन देने चंडीटला थाने जा रहे थे, तब हम पर यह कायराना हमला किया गया। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वालों पर इस तरह का हमला बेहद गंभीर और पूरी तरह से निंदनीय है।”
BJP का पलटवार: “सहानुभूति के लिए कर रहे हैं रिहर्सल”
बीजेपी ने टीएमसी सांसद के इन आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। बीजेपी नेता देबजीत सरकार ने कहा कि कल्याण बनर्जी को कोई चोट नहीं लगी है, बल्कि वे अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले से ध्यान भटकाने और राजनीतिक सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।
देबजीत सरकार ने तंज कसते हुए कहा:
- “कल्याण बनर्जी को अगली बार अपने ड्रामे की रिहर्सल बेहतर तरीके से करनी चाहिए।”
- “वे दावा कर रहे हैं कि बीजेपी वालों ने उन्हें मारा, लेकिन हमले के तुरंत बाद वे इतने नाटकीय तरीके से जमीन पर गिरते हैं कि उनका फोन अभी भी कान पर लगा रहता है।”
- “नीचे गिरने के बाद भी वे बिना किसी रुकावट के फोन पर आराम से बातचीत कर रहे हैं। यह उनकी नौटंकी को साफ उजागर करता है।”
बंगाल में क्यों गरमाया है सियासी पारा?
दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ें हाल ही में अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले से जुड़ी हैं। अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जहां कथित तौर पर एक उग्र भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था। इस घटना के बाद से ही पूरे पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है।