TCS के बाद अब विप्रो में जबरन धर्मांतरण का मामला

आईटी दिग्गज कंपनी विप्रो टेक्नोलॉजीज की पूर्व कर्मचारी ने हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा है। महिला ने कंपनी में धार्मिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर भेदभाव और जबरन इस्तीफा दिलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़िता ने कहा कि ये लोग हिंदू महिलाओं को फंसाते हैं और उन पर दबाव डालते हैं, उन्हें अपनी मांगों को मानने या अपनी नौकरी से इस्तीफा देने के बीच किसी एक को चुनने के लिए मजबूर करते हैं। पिछले दस महीनों में मैंने जिस कदर उत्पीड़न और यातना का सामना किया है, मुझे उसे सामने लाना ही था।

पूर्व कर्मचारी ने कंपनी प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब हम कंपनी को इन घटनाओं की सूचना देते हैं, तो वे उन्हें खारिज कर देते हैं और बाद में मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है।

शिकायतकर्ता ने दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए सहकर्मी और एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम भी लिया है। पीड़िता ने बताया कि शाहीन रफीक ने नौकरी के पहले दिन से ही मुझे परेशान करना शुरू कर दिया था।

उसने मुझे कंट्री हेड रामकुमार के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए राजी करने की कोशिश की। उसने कहा कि मैं उस संबंध का इस्तेमाल दुबई में ट्रांसफर पाने के लिए करूं, जहां वह मेरी शादी किसी शेख से करवा सकती है, जिससे आर्थिक वृद्धि और यौन संतुष्टि दोनों सुनिश्चित हो सके।

अपनी शिकायत के संबंध में पीड़िता ने कहा कि मैंने कल शिकायत दर्ज कराई है। मुझे आज एफआईआर के संबंध में बुलाया गया है। पुलिस ने कहा है कि वे मामले की जांच करेंगे, जिसके बाद औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी।

उन्होंने आगे बताया कि 24 अप्रैल, 2026 को हमने एक बार फिर यह मुद्दा उठाया। यह मेरे इस्तीफे के बाद हुआ, जब मैंने उनसे मांग की कि वे मुझे मेरी बर्खास्तगी का एक विशिष्ट कारण बताएं।

अपनी मुख्य मांगों को सामने रखते हुए पीड़िता ने कहा कि मेरी मांग सीधी है, मुझे मेरी नौकरी वापस चाहिए। मेरी बर्खास्तगी गैरकानूनी थी। मैंने इस बात को बार-बार दोहराया है।

इसके साथ ही उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में सुधार की वकालत करते हुए कहा कि दूसरी बात, हर निजी क्षेत्र के संगठन के भीतर महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक समर्पित संस्थागत तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए।

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