राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर बनी SIT, योगी सरकार ने मांगी फाइनल रिपोर्ट

राम नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावा चोरी होने के प्रकरण में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शरण में है। ट्रस्ट ने चढ़ावा की धनराशि की बड़ी चोरी का पर्दाफाश करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का अनुरोध किया है।

ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है, जिसमें लखनऊ मंडलायुक्त आईएएस विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज आईपीएस किरन एस व विशेष सचिव वित्त आईएएस नील रतन को शामिल किया गया है। एसआइटी को सात दिन में अंतरिम रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

चढ़ावा चोरी लगातार बढ़ते आरोपों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के करोड़ों रुपये की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार शाम को सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय में पत्र भेजकर चोरी के दावे की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) से कराने का अनुरोध किया है।

राम मंदिर में दान पात्रों में दान की गई धनराशि चोरी मामले में लगातार हो रही फजीहत के बाद ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावे के रुपये की चोरी को लेकर रोज हो रहे नए प्रकरण पर अब विराम लगाने के क्रम में यह कदम उठाया है। इससे पहले ट्रस्ट की ओर से आंतरिक जांच और आडिट की बात कही जा रही थी।

ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि दान पात्रों में धनराशि की चोरी से जुड़ी तमाम अफवाहों और दावों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया जाए। ट्रस्ट का कहना है कि एक उच्च स्तरीय एसआईटी जांच से न केवल इस पूरे प्रोपेगैंडा के पीछे छिपे चेहरों का पर्दाफाश होगा, बल्कि देश की जनता के सामने यह सच भी आ जाएगा कि राम मंदिर में चढ़ावे की एक-एक पाई पूरी तरह सुरक्षित और पूरी पारदर्शिता के साथ बैंक खातों में जमा की जाती है। ट्रस्ट का मानना है कि यह श्रीराम मंदिर की छवि और करोड़ों भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने की एक गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है।

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) विशेष जांच दल है। यह पुलिस या कानून प्रवर्तन अधिकारियों की एक विशेष और पेशेवर टीम होती है। जिसे किसी अत्यंत गंभीर, जटिल या संवेदनशील आपराधिक मामले की गहराई से जांच करने के लिए गठित किया जाता है।

जब कोई बहुत बड़ा घोटाला या अपराध होता है, तब उसकी निष्पक्ष जांच के लिए सरकार एसआईटी का गठन करती है। इस टीम में आमतौर पर राज्य पुलिस के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी, साइबर विशेषज्ञ और फॉरेंसिक जांचकर्ता शामिल होते हैं। एसआईटी के पास आम पुलिस के समान ही जांच करने, सबूत इकट्ठा करने और सीधे अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की पूर्ण शक्ति होती है।

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