महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 से 7 सांसदों के शिंदे गुट की शिवसेना में जाने की अटकलें तेज हैं। इस बीच पार्टी ने गुरुवार को दिल्ली में संसदीय समिति की बैठक बुलाई है।
पार्टी ने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है। जो सांसद बैठक में नहीं आएंगे, पार्टी उनके खिलाफ डिस्क्वालिफिकेशन की कार्रवाई कर सकती है।
इससे पहले उद्धव गुट की शिवसेना ने 2022 में भी ऐसा ही व्हिप जारी किया था। तब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत की थी। बाद में विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई शुरू की गई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव गुट के 6 से 7 सांसद मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंच गए हैं। सभी आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मंगलवार रात से दिल्ली में हैं। इधर, उद्धव और अन्य पार्टी लीडर्स अपने सांसदों से लगातार संपर्क करने और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बातचीत नहीं हो पा रही है।
शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि सांसदों को खरीदने के लिए ₹50-₹50 ऑफर हुए हैं। राउत ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के एक पोस्ट के जवाब में X पर लिखा, ‘एक सांसद का मिनिमम सपोर्ट प्राइज ₹50 करोड़ है। ₹15 करोड़ तो सिर्फ एडवांस है।’
राउत ने अपने एक और पोस्ट में दावा किया कि चार्टर्ड प्लेन से UBT सांसदों को महाराष्ट्र से दिल्ली ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा- डरपोक भेड़ियों के भागने को ऑपरेशन टाइगर क्यों कहा जा रहा है? इससे पहले राउत ने कहा था कि अगर ऑपरेशन टाइगर चला, तो हम ऑपरेशन वुल्फ शुरू करेंगे।
उद्धव ठाकरे ने 14 जून को लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई थी। इसमें 9 में से 4 सांसद व्यक्तिगत रूप से और 4 ऑनलाइन शामिल हुए थे। सांसद संजय देशमुख पारिवारिक कारणों का हवाला देकर बैठक में शामिल नहीं हुए थे।