राम रहीम को फिर पैरोल: रसूखदारों पर नरमी और न्याय व्यवस्था पर सवाल
भारत का संविधान डंके की चोट पर कहता है कि कानून की नजर में देश का हर नागरिक बराबर है, चाहे वह सड़क पर झाड़ू लगाने वाला आम आदमी हो या फिर लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने वाला कोई रसूखदार। लेकिन क्या जमीनी हकीकत भी यही है? यह सवाल आज देश के हर उस […]