21 का लड़का, 2 बाउंसर और ‘ब्रिगेडियर’ की वर्दी; सेना भी रह गई दंग

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस और सेना के आला अधिकारियों का भी सिर घूम गया। माता-पिता सरकारी नौकरी में हैं—पिता बागवानी विभाग में अधिकारी और मां स्कूल टीचर। लेकिन 21 साल के बेटे ने बिना कोई परीक्षा पास किए, बिना पढ़ाई किए सीधे भारतीय सेना का ‘ब्रिगेडियर’ बनने का ढोंग रच डाला। वह बाकायदा दो बाउंसर्स को साथ लेकर घूमता था और लोगों पर धौंस जमाता था। आखिरकार, मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस ने एक फिल्मी जाल बुनकर इस फर्जी ब्रिगेडियर को दबोच लिया है।

मोटिवेशनल स्पीच देने आया था ‘साहब’, पुलिस ने ऐसे बुना जाल

पुलिस को काफी समय से इनपुट मिल रहे थे कि आर्यन वर्मा नाम का एक युवक खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताकर रौब झाड़ रहा है। वह अक्सर ब्रिगेडियर की सेरेमोनियल ड्रेस में दिखाई देता था। आरोपी को शक न हो, इसलिए पुलिस और आर्मी के पूर्व सैनिकों ने मिलकर एक बेहद दिलचस्प प्लान बनाया।

अधिकारियों ने आम नागरिक बनकर आर्यन से संपर्क किया और उसे सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को ‘मोटिवेशनल स्पीच’ देने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। यह कार्यक्रम छावनी इलाके के शहीद म्यूजियम में रखा गया था। शुक्रवार सुबह जैसे ही आर्यन पूरे टशन में ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर वहां पहुंचा, पहले से जाल बिछाए बैठी टीम ने उसे धर दबोचा।

हैरियर कार, मिलिट्री स्टार और फर्जी NSG कमांडो का टशन

आरोपी आर्यन वर्मा का रूतबा किसी असली हाई-प्रोफाइल मिलिट्री अफसर से कम नहीं लग रहा था। जांच में जो बातें सामने आईं, उसने सबको हैरान कर दिया:

  • लग्जरी एंट्री: वह एक टाटा हैरियर (SUV) कार से आया था, जिस पर सीनियर मिलिट्री अफसरों वाले ‘स्टार’ और सेना का झंडा लगा हुआ था।
  • नकली NSG कमांडो: उसकी सुरक्षा में दो बाउंसर तैनात थे, जिन्हें आर्यन लोगों के सामने ‘NSG कमांडो’ बताता था।
  • फर्जी दस्तावेज: उसके पास से एक आईडी कार्ड मिला, जिस पर आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC) के डीन की फर्जी मुहर लगी थी।
  • अन्य सामान: पुलिस ने उसके पास से सेना की रेजिमेंटल केन (छड़ी) और एक नकली पिस्तौल भी बरामद की है।

“आरोपी दिल्ली में रहकर नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तैयारी कर रहा था। वह इस परीक्षा में कई बार फेल हो चुका था, जिसके बाद उसने यह शॉर्टकट रास्ता चुना।”

बरेली मिलिट्री इंटेलिजेंस कर रही है पूछताछ

पकड़े जाने के बाद आरोपी के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली की आर्मी इंटेलिजेंस टीम ने जांच अपने हाथ में ले ली है।

शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) सौरभ दीक्षित ने बताया कि सेना के अधिकारी फिलहाल आर्यन वर्मा से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने सेना की वर्दी और फर्जी दस्तावेज कहां से हासिल किए, इस खेल में उसके साथ और कौन-कौन शामिल है, और क्या उसने इस फर्जी पद का इस्तेमाल करके किसी से ठगी भी की है। सेना की जांच पूरी होने के बाद आरोपी को पुलिस कस्टडी में सौंप दिया जाएगा।

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