गाजियाबाद से बड़ी खबर: बेहद सीक्रेट तरीके से दफनाया गया असद का शव

सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का शव गाजियाबाद के विजयनगर स्थित कब्रिस्तान में गुपचुप तरीके से दफना दिया गया। इस दौरान उसके जनाजे को कंधा देने के लिए असद के चाचा और मौसा समेत तीन लोग शामिल रहे। कब्रिस्तान में उसका भाई तक नहीं पहुंचा। वहां न भीड़ न कोई शोर, बस सन्नाटा था। कब्रिस्तान में हत्यारोपी को दफनाने के दौरान काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। लोगों ने कहा कि असद ने सूर्या की हत्या करने के दौरान अपने साथ चार युवक साथ लिए, लेकिन जब उसका जनाजा उठा तो चार लोग भी नहीं जुट पाए।

दरअसल, ईद के दिन सूर्या की हत्या करने के बाद शनिवार को असद पुलिस मुठभेढ़ में ढेर हो गया। जांच में उसके पिता भी साजिश और हत्या में शामिल होने की बात सामने आई तो पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार देर रात रविवार बुलंदशहर के स्याना निवासी असद के चाचा आबिद हिंडन मोर्चरी पहुंचे। दिन में ही परिवार ने असद के शव को बुलंदशहर ले जाने से इन्कार कर दिया था। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा गया था। असद के चाचा आबिद ने बताया कि जब वह कब्रिस्तान पहुंचे तो शव के साथ वह, असद के दो रिश्तेदार समेत केवल तीन लोग थे। कब्र खोदने से लेकर मिट्टी डालने की प्रक्रिया में बाहरी लोगों ने ही भूमिका निभाकर शव को सुपुर्द-ए-खाक किया। आबिद ने बताया कि वर्ष 2023 में असद के पिता नवाब ने दूसरी शादी की थी। असद की सौतेली मां और भाई-भाभी अब तक किसी के संपर्क में नहीं हैं।

अपराध की राह चुनने वालों से युवा पीढी ले सबकसूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के मुठभेड़ में ढेर होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने-अपने विचार पोस्ट किए हैं। इनमें कुछ लोगों ने कहा कि अपराध की राह चुनने वालों को इस घटना से सबक लेना चाहिए। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने लिखा है कि असद के जनाजे को कंधा देने वाले तक चार लोग नहीं थे। अपराधी न सिर्फ स्वयं संसार को छोड़कर चला जाता है बल्कि परिवार के लिए भी मुसीबत खड़ी कर जाता है।

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