बड़े रेल अधिकारी का सामान चोरी हुआ तो खुली पोल, चारबाग स्टेशन के 70% CCTV कैमरे मिले बंद!

चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन सैकड़ों गाड़ियां आती-जाती हैं जिनमें हजारों यात्री सफर करते हैं। फिलहाल रेलवे के सुरक्षित सफर के दावों पर सवालिया निशान है। इसकी वजह है क्याेंकि चारबाग रेलवे स्टेशन पर निगरानी के लिए लगाए गए अधिकांश कैमरे काम नहीं कर रहे हैं।

खतरे को इसलिए भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि पहले भी कई बार स्टेशन पर आतंकी हमले की धमकियां मिल चुकी हैं। ऐसे में चारबाग स्टेशन पर निगरानी तंत्र का फेल होना यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

हैरत है कि खुद रेलवे के सुरक्षा तंत्र को कैमरों के काम करने की जानकारी नहीं थी। इसका भी पता अचानक ही लगा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी रविवार को सदभावना एक्सप्रेस से जा रहे थे। लखनऊ से निहालगढ़ के बीच अधिकारी का सामान चोरी हो गया।

वरिष्ठ रेलवे अधिकारी का सामान चोरी होने की सूचना मिली तो कई स्तरों से सामान की तलाश शुरू हुई। लखनऊ स्टेशन पर सीसीटीवी की जांच की तो पता चला कि आरपीएफ कंट्रोल रूम का संपर्क सात में से चार प्लेटफॉर्मों से कई दिनों से कटा हुआ है। निहालगढ़ तक भी सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं।

रेल भूमि विकास प्राधिकरण ने लखनऊ स्टेशन के पुनर्विकास के लिए शेड हटाते समय सभी कैमरों को भी हटा दिया है। यहीं कारण है कि बीती शुक्रवार को प्लेटफॉर्म नंबर पांच का शेड गिरने की जांच के लिए जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो वह भी नहीं मिल सके।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने लखनऊ स्टेशन पर 120 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। यह कैमरे पार्किंग, बाहरी एरिया, पार्सल, रेलवे न्यायालय, रेल डाक सेवा सहित सभी सात मुख्य और दो साइडिंग प्लेटफॉर्म पर लगाए हैं। इन हाइटेक कैमरों से निगरानी की जिम्मेदारी रेलवे सुरक्षा बल के कंट्रोल रूम की है।

आरएलडीए ने करीब दो माह पहले प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच के शेड हटाने के लिए ब्लाक लिया था। इस कारण दोनों ही प्लेटफॉर्म के करीब 22 कैमरों को हटा दिया गया। इसके बाद प्लेटफॉर्म दो व तीन पर काम शुरू हुआ तो 20 कैमरों को हटा दिया गया। प्लेटफॉर्म एक पर भी 10 सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए हैं।

प्लेटफॉर्म छह और सात पर भी छह कैमरों को शेड के साथ हटाया गया है। ऐसे में अब लखनऊ स्टेशन के 58 कैमरों का संपर्क कंट्रोल रूम से कट गया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक और छह व सात के ही करीब 60 प्रतिशत हिस्से को सीसीटीवी कैमरे कवर कर रहे हैं। कुल मिलाकर लगभग 70 प्रतिशत हिस्से को सीसीटीवी से कवर नहीं किया जा रहा है।

शुक्रवार को 115 टन वजनी प्लेटफॉर्म शेड गिरने की घटना की जांच करने के लिए उत्तर रेलवे की उच्च स्तरीय जांच समिति बुधवार को लखनऊ आ रही है। इस समिति में प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक और प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी शामिल हैं। समिति कमेटी हाल में निलंबित दोनों रेलवे इंजीनियिरों, आरएलडीए के प्रोजेक्ट मैनेजर के अलावा कई अधिकारियों से पूछताछ करेगी।

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