महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। महाविकास अघाड़ी और खासकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के खेमे में भारी बेचैनी है। राजनीतिक गलियारों में तैरती खबरों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के 9 लोकसभा सांसदों में से 7 सांसद पाला बदल सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि ये सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेताओं के लगातार संपर्क में हैं और शिंदे गुट एक बार फिर उद्धव खेमे पर बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने की फिराक में है। इस पूरे सियासी खेल को ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम दिया गया है।
दिल्ली में मुलाकात के बाद बढ़ीं अटकलें
इन सियासी अटकलों को तब और बल मिल गया, जब रविवार (14 जून) को उद्धव ठाकरे द्वारा ‘मातोश्री’ पर बुलाई गई आपात बैठक के ठीक अगले ही दिन एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। 15 जून को उद्धव गुट के सांसद संजय देशमुख दिल्ली में शिंदे गुट के केंद्रीय राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव के आवास पर जाकर उनसे मिले। इस मुलाकात के बाद से ही कयासों का बाजार बेहद गर्म है।
शिंदे सेना के एमएलसी कृपाल तुमाने ने इस मामले पर बड़ा दावा करते हुए कहा:
“ऑपरेशन टाइगर के तहत शिवसेना (यूबीटी) के सात सांसदों के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जिस तरह ऑपरेशन से पहले मरीज की पूरी जांच की जाती है, ठीक उसी तरह हमारी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ पाला बदलने की तारीख तय होना बाकी है।”
मातोश्री की बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?
संसदीय दल में टूट की खबरों के बीच उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने आवास ‘मातोश्री’ पर लोकसभा के सभी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सांसदों की उपस्थिति कुछ इस प्रकार रही:
- व्यक्तिगत रूप से शामिल सांसद: अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दिना पाटिल और राजाभाऊ वाजे। (बैठक में आदित्य ठाकरे भी मौजूद रहे)
- ऑनलाइन शामिल हुए सांसद: ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश आष्टीकर और संजय देशमुख।
- फोन पर जुड़े सांसद: संजय (बंडू) और जाधव (परभणी), जिनसे उद्धव ठाकरे ने फोन पर सीधा संवाद किया।
संसद में क्या है दोनों गुटों की मौजूदा ताकत?
साल 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद से ही शिवसेना दोफाड़ हो चुकी है। मौजूदा समय में संसद के दोनों सदनों को मिलाकर दोनों गुटों की स्थिति बेहद दिलचस्प है:
| सदन | शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे – UBT) | शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) |
| लोकसभा | 09 | 07 |
| राज्यसभा | 01 | 02 |
| कुल सांसद | 10 | 09 |
अगर शिंदे गुट का 7 सांसदों को तोड़ने का दावा सच साबित होता है, तो लोकसभा में उद्धव ठाकरे के पास महज 2 सांसद ही बच जाएंगे, जो उनके लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा। हालांकि, जब इस ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया और सिर्फ मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए।
“जो जाना चाहता है जाए, कल हमारा टाइम आएगा” – उद्धव ठाकरे
एक तरफ जहां संजय राउत और आदित्य ठाकरे इस पूरी खबर को कोरी अफवाह बताकर खारिज कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। वहीं दूसरी तरफ, शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को शिंदे गुट का महज एक ‘शिगूफा’ करार दिया है।
हालांकि, आनंद दुबे ने मातोश्री की बैठक के अंदर की एक बेहद महत्वपूर्ण बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों से बेहद तल्ख और भावुक लहजे में कहा: “जो जाना चाहते हैं वो जा सकते हैं, किसी को भी जबरन रोका नहीं जा सकता। एकनाथ शिंदे भी इसी तरह चले गए थे। लेकिन याद रखिए… आज आपका टाइम है, कल हमारा टाइम आएगा।”
उद्धव ठाकरे के इस बयान से साफ है कि मातोश्री को भी कहीं न कहीं भीतर चल रही इस खिचड़ी की भनक लग चुकी है, और महाराष्ट्र की राजनीति में अगले कुछ दिन बेहद उतार-चढ़ाव भरे होने वाले हैं।