bihar politics

क्या RJD में भी होगी TMC जैसी बगावत? तेजस्वी यादव के लिए खतरे की घंटी

भारतीय राजनीति में यह एक स्थापित सत्य है कि किसी भी क्षेत्रीय दल की सबसे बड़ी ताकत उसका सिर्फ जनाधार नहीं, बल्कि उसका सामाजिक समीकरण और केंद्रीय नेतृत्व के इर्द-गिर्द आंतरिक एकजुटता होती है। लेकिन जब संगठन के भीतर संवाद कमजोर पड़ता है, वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी बढ़ती है और सत्ता से दूरी लंबी हो […]

बिहार विधान परिषद चुनाव की तारीख का ऐलान,

बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद चुनाव का कार्यक्रम जारी हो गया है। बिहार विधान परिषद चुनाव में 10 सीटों पर चुनाव होंगे। इसमें 9 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है,जबकि एक सीट नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से खाली हुई है। एमएलसी इलेक्शन के लिए 1 जून को अधिसूचना जारी होगी। 18 जून

क्या आप जानते हैं बिहार के इस कद्दावर नेता के उदय की इनसाइड स्टोरी?

बिहार की राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि यहाँ की हवाएं पल-पल में रुख बदलती हैं, लेकिन पिछले 8 सालों में जिस नेता ने सबसे लंबी छलांग लगाई है, उनका नाम है सम्राट चौधरी। कभी राजद और जदयू के खेमे में अपनी पहचान तलाशने वाला यह नेता आज बिहार की सत्ता का वह ‘सम्राट’

जहानाबाद जेल ब्रेक का वो ‘मास्टरमाइंड’ जिससे कांपती थी सत्ता

2005 की वह काली रात, जब जेल की दीवारें ढह गईं, कानून का मखौल उड़ा और संविधान की गरिमा तार-तार हो गई…” बीते 30 मार्च को लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन ने बिहार के एक ऐसे जख्म को कुरेद दिया, जिसने दो दशक पहले पूरे देश को हिला कर रख दिया था।

क्या सितंबर तक टल जाएगा बिहार में सत्ता परिवर्तन?

बिहार की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद अब कयासों का बाजार गर्म है कि सूबे की कमान किसके हाथ में होगी और कब होगी। संवैधानिक मजबूरियों और राजनीतिक दांव-पेंच के बीच नीतीश कुमार के पास अभी ‘छह महीने’ का एक ऐसा कार्ड है, जो

सम्राट चौधरी होंगे अगले CM? नीतीश कुमार ने दिया बड़ा संकेत!

बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान जमुई के मंच से एक ऐसा इशारा किया, जिसने सत्ता के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। मंच पर नीतीश कुमार ने न केवल उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा,

बिहार में ‘खेला’ खत्म: राज्यसभा की पांचों सीटों पर NDA का कब्जा

बिहार की सियासत में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए घमासान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। इस जीत के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का रास्ता साफ हो गया है, जो बिहार

निशांत ने थामी JDU की कमान, पिता से आशीर्वाद लेकर शुरू की नई पारी

बिहार की सत्ता के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। वर्षों तक परिवारवाद की राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आखिरकार सक्रिय राजनीति का हिस्सा बन गए हैं। निशांत ने आधिकारिक तौर पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता ग्रहण

‘सुशासन बाबू’ से ‘पलटू बाबू’ तक, बिहार की राजनीति के 20 साल

बिहार की राजनीति के क्षितिज पर पिछले दो दशकों से एक ही नाम छाया रहा— नीतीश कुमार। साल 2005 के 24 नवंबर को जब उन्होंने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता संभाली थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह ‘इंजीनियर’ बिहार के इतिहास की सबसे लंबी राजनीतिक पारी खेलने जा रहा है।

मिशन दिल्ली: क्या नीतीश बनेंगे देश के नए ‘चाणक्य’?

बिहार के अजेय मुख्यमंत्री, ‘साहब’ अचानक राज्यसभा जाने का फैसला करते हैं, जिससे एक भीषण सत्ता संघर्ष शुरू हो जाता है। एक तरफ बीजेपी अपना मुख्यमंत्री चाहती है, दूसरी तरफ ‘साहब’ अपने निशांत बेटे को राजनीति में उतारकर अपनी विरासत बचाना चाहते हैं, और तीसरी तरफ विपक्ष इस टूट का फायदा उठाने के लिए तैयार

Scroll to Top