आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। संभवत: मार्च-अप्रैल 2026 में होने वाले इन चुनावों में मुख्य लड़ाई TMC, BJP और बाकी विपक्षी दलों के बीच दिख रही है, लेकिन ममता बनर्जी की रणनीति और बयानबाजी इस बार भी सबकी नजर में है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने जैसे ही माइक थामा, पूरा हॉल सन्नाटे में डूब गया। उन्होंने कहा “भाइयो-बहनों, बंगाल की जनता को पता है कि कौन उनका असली साथी है। CPM मेरे लिए पॉलिटिकल दुश्मन है — क्योंकि उन्होंने 34 साल तक बंगाल को लूटा, बंद करवाया, विकास रोका। लेकिन BJP मेरे लिए आइडियोलॉजिकल दुश्मन है — क्योंकि वे बंगाल की संस्कृति, भाषा, धर्मनिरपेक्षता और ‘बंगाल-तत्व’ को मिटाने पर तुले हैं। एक दुश्मन वोट की राजनीति करता है, दूसरा विचारधारा की जंग लड़ता है।” यह बयान सुनते ही सोशल मीडिया पर तूफान आ गया। TMC समर्थक इसे “दादी की क्लासिक चाल” कह रहे हैं, जबकि BJP नेताओं ने इसे “ममता की डर से पैदा हुई सफाई” करार दिया है।
आईये आपको बताते हैं कि बंगाल की पृष्ठभूमि में क्या चल रहा है?
- TMC का दावा है कि 2021 की तरह इस बार भी दो-तिहाई बहुमत आएगा। नया कैंपेन सॉन्ग “जोतोई करो हमला, आबार जितबे बांग्ला” (चाहे जितना हमला करो, बंगाल फिर जीतेगा) रिलीज हो चुका है। ममता दीदी खुद हर जिले में “दिदिके बोलो” रैलियां कर रही हैं।
- BJP इस बार SIR (Special Intensive Revision) के वोटर लिस्ट को लेकर कोर्ट में हार के बाद बैकफुट पर है, लेकिन सुवेंदु अधिकारी जैसे नेता लगातार “घोटालों” और “तुष्टिकरण” का मुद्दा उठा रहे हैं। BJP का फोकस उत्तर बंगाल और हिंदू-बहुल इलाकों पर है, जहां वे 2021 से ज्यादा सीटें तलाश रहे हैं।
- CPM और कांग्रेस अब खुले तौर पर कह रहे हैं कि वे 2026 में TMC और BJP दोनों को हराने के लिए साथ आ सकते हैं। CPM नेता कह रहे हैं, “TMC ने हमें मिटाया, लेकिन BJP हमें वैचारिक रूप से खत्म करना चाहती है।” कांग्रेस भी दुविधा में है — क्या TMC के साथ जाएं या CPM के साथ BJP को टारगेट करें?
TMC के विशेष सूत्रों के मुताबिक एक बंद कमरे की मीटिंग में ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी से कहती हैं, “अभिषेक, CPM से नफरत तो है, लेकिन अगर BJP ने मुस्लिम वोट को एकजुट नहीं होने दिया तो वे 100+ सीटें ले जाएंगे। हमें स्मार्ट खेलना होगा। जनता को बताना होगा — CPM पुराना दुश्मन है, लेकिन BJP नया खतरा है।”
उधर, BJP हाईकमान में चर्चा है कि “ममता अब CPM को ‘पॉलिटिकल’ और हमें ‘आइडियोलॉजिकल’ दुश्मन बता रही है। इसका मतलब है कि वे विपक्षी वोट को बांटने की कोशिश कर रही हैं। हमें हिंदुत्व + विकास + TMC-विरोधी एंगल से जाना होगा।”
चुनावी समीकरण का अनुमान (काल्पनिक लेकिन संभावित):
- TMC: 180–210 सीटें (अगर मुस्लिम + ग्रामीण वोट एकजुट रहा)
- BJP: 70–100 सीटें (उत्तर बंगाल + हिंदू वोट + एंटी-इनकंबेंसी से फायदा)
- Left + Congress: 10–25 सीटें (अगर गठबंधन हुआ तो ज्यादा, वरना 5–10)
बंगाल की राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता — बस वक्त और वोट की जरूरत। आगामी चुनाव में देखना होगा कि ममता की यह “पॉलिटिकल vs आइडियोलॉजिकल” वाली लाइन जनता को कितना भाती है, या BJP इसे “डर का खेल” बताकर उल्टा फायदा उठा लेती है। बंगाल फिर से गरमाने वाला है — और इस बार लड़ाई सिर्फ कुर्सी की नहीं, बंगाल की पहचान की भी है।






























