अब दिल्ली में नहीं चलेंगे 2.5 लाख से ज्यादा ई-रिक्शा

अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो मेट्रो स्टेशनों, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों के बाहर ई-रिक्शा की लंबी कतारें और उनसे लगने वाला भारी ट्रैफिक जाम आपके दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका होगा. इस जाम में फंसकर रोज लाखों लोगों का कीमती समय बर्बाद होता है। लेकिन अब दिल्लीवालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।

दिल्ली सरकार सड़कों को सुरक्षित बनाने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए ई-रिक्शा को लेकर एक बड़ा गेमचेंजर प्लान तैयार कर रही है। ‘नई दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0’ (EV Policy 2.0) के ड्राफ्ट में ई-रिक्शा की मनमानी और बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने के लिए कड़े प्रस्ताव रखे गए हैं। दिल्ली सरकार के नए प्रस्ताव के मुताबिक, अब राजधानी में ई-रिक्शा की संख्या को सीमित किया जाएगा। दिल्ली में 2.5 लाख से ज्यादा ई-रिक्शा रजिस्टर्ड नहीं किए जाएंगे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली की सड़कों पर ई-रिक्शा का खेल कुछ इस तरह है:

  • रजिस्टर्ड ई-रिक्शा: लगभग 2.05 लाख
  • अवैध ई-रिक्शा (अनुमानित): करीब 2 लाख (जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं)
  • कुल संख्या: 4 लाख से भी ज्यादा
  • सालाना बढ़त: अकेले वर्ष 2025 में ही 44 हजार से ज्यादा नए ई-रिक्शा रजिस्टर हुए थे.

सड़कों पर अवैध रूप से दौड़ रहे ये ई-रिक्शा न सिर्फ ट्रैफिक जाम की वजह बनते हैं, बल्कि इनसे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है.

दिल्ली सरकार नई पॉलिसी के तहत ई-रिक्शा चालकों और मालिकों के लिए कड़े नियम लागू करने जा रही है, जो इस प्रकार हैं:

  • खुद का रिक्शा, खुद ही ड्राइवर: अब ई-रिक्शा का मालिक वही व्यक्ति बन सकेगा, जो उसे खुद चलाएगा. किसी और से किराए पर चलवाने का धंधा बंद होगा।
  • एक लाइसेंस, एक रिक्शा: एक ड्राइविंग लाइसेंस पर केवल एक ही ई-रिक्शा रजिस्टर्ड कराया जा सकेगा।
  • स्थानीय निवासी होना अनिवार्य: दिल्ली में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आवेदक का दिल्ली का स्थायी निवासी होना जरूरी होगा।
  • ECC सर्टिफिकेट: सभी ई-रिक्शा ड्राइवरों के लिए ‘ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट’ (ECC) लेना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
  • अवैध रिक्शों पर एक्शन: बिना जरूरी दस्तावेज और सुरक्षा मानकों के सड़कों पर दौड़ रहे अवैध ई-रिक्शा को जब्त करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।

सरकार ने सिर्फ पाबंदियां ही नहीं लगाई हैं, बल्कि इस नई पॉलिसी में ई-रिक्शा मालिकों के लिए बेहतरीन इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) का भी प्रावधान किया है:

बंपर छूट का फायदा:

  • ₹35,000 का इंसेंटिव: अगर आपके पास 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2022 के बीच का रजिस्टर्ड पुराना ई-रिक्शा है और आप उसे स्क्रैप (कबाड़) में देते हैं, तो सरकार आपको ₹35,000 तक की मदद देगी।
  • ₹15,000 की छूट: पुरानी ‘ग्रामीण सेवा’ गाड़ियों को कबाड़ में देकर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ₹15,000 तक की छूट मिलेगी।

यह नई पॉलिसी फिलहाल ड्राफ्ट स्टेज पर है। कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसे पूरी दिल्ली में लागू कर दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से न सिर्फ दिल्ली की सड़कों पर व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि मेट्रो स्टेशनों के बाहर लगने वाले दमघोंटू जाम से भी जनता को हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

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