कौन था कमलेश और क्या है विवाद?
- 7 मुकदमों का आरोपी: कमलेश चौधरी गौशाबाद गांव का रहने वाला था और उस पर पहले से 7 आपराधिक केस दर्ज थे।
- ‘कटरा गैंग’ से संबंध: वह इलाके के कुख्यात ‘कटरा गैंग’ का सदस्य था। यह गैंग व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चलता था और मारपीट, रंगदारी व फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देता था।
- व्यापारियों में डर: विनीत राय की हत्या के बाद से गाजीपुर के व्यापारियों में दहशत है। विनीत के पिता ने आरोप लगाया था कि इस गैंग को कुछ प्रभावशाली लोगों का साथ मिला हुआ था।
यूपी के गाजीपुर जिले में होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय हत्याकांड के नामजद आरोपी कमलेश चौधरी के एनकाउंटर के बाद बवाल खड़ा हो गया है। 3 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कमलेश के अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। उग्र भीड़ द्वारा किए गए पथराव में क्षेत्राधिकारी (सीओ) सहित चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद भारी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने, पथराव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में मृतक के भाई संजय सहित 60 से 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) भी लगाया जा सकता है।
कमलेश चौधरी सदर कोतवाली क्षेत्र के गौशाबाद गांव का रहने वाला था और अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसका एक भाई संजय है, जिसकी पत्नी गांव की प्रधान है, जबकि दूसरा भाई प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कमलेश चौधरी का संबंध इलाके के कुख्यात ‘कटरा गैंग’ से था। इस गैंग की शुरुआत करीब 10-12 साल पहले फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास बने कटरे से हुई थी।
यह गैंग एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक्टिव रहता था। कहीं भी विवाद होने पर इस ग्रुप के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचकर मारपीट, रंगदारी, धमकी और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कमलेश चौधरी पर 7 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके कई कारनामे पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं हो पाए।
होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय की बेरहमी से हत्या के बाद गाजीपुर के व्यापारियों में भारी डर का माहौल है। इस हत्याकांड में कमलेश चौधरी और गैंग के कथित सरगना शंकर पांडे समेत चार लोगों को नामजद किया गया था। व्यापारियों को आशंका है कि इस गैंग के अन्य सदस्य आने वाले दिनों में रंगदारी और अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
मृतक विनीत राय के पिता आलोक राय ने आरोप लगाया था कि इस कथित गैंग को स्थानीय पुलिस का संरक्षण प्राप्त था और इसके सदस्य रसूखदार लोगों से संबंध बनाकर अपना नेटवर्क मजबूत करते थे। हालांकि, इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।