मध्यप्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस आलाकमान द्वारा पूर्व सांसद और तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर जबरदस्त सियासी भूचाल आ गया है। इस फैसले ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह को एक बार फिर चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। असंतोष इस कदर बढ़ गया है कि पार्टी को अब ‘क्रॉस वोटिंग’ का डर सताने लगा है, जिसके चलते सभी विधायकों को तुरंत भोपाल तलब किया गया है।
अपनों ने ही खोले सुर: ज्ञानचंदानी बोले- “यह बड़ी चूक”
मीनाक्षी नटराजन के नाम का ऐलान होते ही कांग्रेस के भीतर विरोध की चिंगारी भड़क उठी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने इस फैसले को “बड़ी चूक” करार देते हुए सोशल मीडिया पर सीधे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग कर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
हालांकि, इस बगावती सुर पर डैमेज कंट्रोल करते हुए कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा:
“यह ज्ञानचंदानी का निजी विचार हो सकता है। आलाकमान ने जिसका चयन किया है, पूरी पार्टी एकजुट होकर उनके साथ खड़ी है।”
खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है) ने खुद दोबारा राज्यसभा जाने से इनकार किया था और उन्होंने मीनाक्षी नटराजन को बधाई भी दी है।
जरा सी चूक और खेल खत्म!
संख्या बल के लिहाज से कांग्रेस के पास पर्याप्त विधायक हैं, लेकिन अंदरूनी खींचतान ने नेतृत्व की नींद उड़ा दी है:
- जीत के लिए जरूरी वोट: 58
- कांग्रेस के पास कुल विधायक: 62
- बचत का मार्जिन: सिर्फ 4 विधायक
नरेश ज्ञानचंदानी ने इसी कमजोर नस पर हाथ रखते हुए चेतावनी दी है कि यदि सावधानी नहीं बरती गई, तो क्रॉस वोटिंग की वजह से परिणाम बदल भी सकता है।
भोपाल में ‘हाई-अलर्ट’: आज शाम 5 बजे विधायक दल की इमरजेंसी बैठक
असंतोष की आग को दबाने के लिए कांग्रेस ने आनन-फानन में सभी विधायकों को भोपाल बुला लिया है। आज शाम 5 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में विधायक दल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में खुद उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन भी मौजूद रहेंगी। सभी विधायकों को अनिवार्य रूप से शामिल होने और पार्टी लाइन के मुताबिक ही वोट करने के सख्त निर्देश (व्हिप) दिए जाएंगे।
विधायकों को शिफ्ट करने की तैयारी: कर्नाटक या तेलंगाना भेजने की चर्चा
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है कि कांग्रेस भाजपा की ‘सेंधमारी’ से बचने के लिए “बाड़ाबंदी” का फॉर्मूला अपना सकती है। शाम की बैठक के बाद सभी विधायकों को एकजुट रखने के लिए कांग्रेस शासित राज्यों जैसे कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश या तेलंगाना शिफ्ट किया जा सकता है।
भाजपा का तंज: “पार्टी कहे तो तीसरा उम्मीदवार भी जिता दें”
कांग्रेस के इस अंदरूनी घमासान पर चुटकी लेते हुए भाजपा ने तीखा हमला बोला है।
- कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा दावा करते हुए कहा, “अगर हमारी पार्टी कहेगी, तो भाजपा अपनी रणनीति से तीसरा उम्मीदवार भी जिताने का माद्दा रखती है।”
- वहीं, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने तंज कसा, “कांग्रेस में गुटबाजी और झगड़े कोई नई बात नहीं हैं। यह पार्टी अपने ही अंत की ओर बढ़ रही है।”
दमदार खबर का विश्लेषण
कांग्रेस आलाकमान ने मीनाक्षी नटराजन को उतारकर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश तो की, लेकिन स्थानीय नेताओं की उपेक्षा का आरोप एक बार फिर पार्टी पर भारी पड़ता दिख रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आज शाम होने वाली बैठक में कांग्रेस अपने कुनबे को बिखरने से बचा पाती है या फिर बीजेपी इस मौके का फायदा उठाकर कोई नया ‘ऑपरेशन’ कर देगी।